
#गढ़वा #शीतलहर_अलर्ट : कड़ाके की ठंड के बीच छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों की कक्षाओं में अस्थायी संशोधन।
गढ़वा जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के पठन-पाठन में अस्थायी बदलाव किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, रांची की चेतावनी के बाद उपायुक्त दिनेश यादव ने यह निर्णय लिया। आदेश के तहत अलग-अलग कक्षाओं के लिए स्कूल बंदी और समय में परिवर्तन तय किया गया है। यह फैसला विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लागू किया गया है।
- जिले के सभी विद्यालयों में शीतलहर को लेकर विशेष आदेश।
- KG से 12वीं तक की कक्षाएं 10 जनवरी को स्थगित।
- निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक 14 जनवरी तक बंद।
- कक्षा 6 से 12 की पढ़ाई सीमित समय में संचालित।
- शिक्षकों और कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य।
गढ़वा जिले में जारी शीतलहर और लगातार गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था में अस्थायी परिवर्तन किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष मौसम बुलेटिन में पूरे झारखंड में आगामी दिनों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर की संभावना जताई गई है। इसी के आधार पर जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है।
उपायुक्त ने जारी किया आदेश
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गढ़वा जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौसम की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से बदलाव जरूरी हैं।
10 जनवरी को सभी कक्षाएं स्थगित
आदेश के अनुसार, जिले के सभी प्रकार के विद्यालयों में वर्ग KG से लेकर वर्ग 12वीं तक की कक्षाओं का पठन-पाठन दिनांक 10 जनवरी 2026 को पूर्णतः स्थगित रहेगा। इस दिन किसी भी कक्षा का संचालन नहीं किया जाएगा, ताकि छोटे बच्चों से लेकर किशोर विद्यार्थियों को शीतलहर के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।
निजी विद्यालयों के लिए अलग व्यवस्था
निजी विद्यालयों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के तहत निजी विद्यालयों में वर्ग 1 से वर्ग 5 तक की कक्षाएं दिनांक 10 जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 तक स्थगित रहेंगी। इस अवधि में छोटे बच्चों को स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होगी।
वहीं, वर्ग 6 से वर्ग 12 तक की कक्षाएं प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक संचालित की जाएंगी। इस समय-सारणी का उद्देश्य यह है कि अत्यधिक ठंड वाले सुबह के समय में विद्यार्थियों को स्कूल आने से बचाया जा सके।
शिक्षकों और कर्मियों के लिए निर्देश
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। सभी को ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।
इसके साथ ही विद्यालयों से जुड़े गैर-शैक्षणिक कार्यों का नियमित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि
जिला प्रशासन ने यह फैसला पूरी तरह से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। छोटे बच्चों पर शीतलहर का प्रभाव अधिक पड़ने की आशंका रहती है, ऐसे में स्कूल बंदी और समय परिवर्तन को आवश्यक माना गया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
न्यूज़ देखो: ठंड के बीच प्रशासन की सतर्कता
गढ़वा जिला प्रशासन का यह निर्णय दिखाता है कि शीतलहर जैसी आपदाजनक परिस्थितियों में समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना एक सकारात्मक पहल है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि स्कूल प्रबंधन आदेश का कितना प्रभावी पालन करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा में जागरूकता सबसे जरूरी
ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन के निर्देशों का पालन कर ही बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। अभिभावक, शिक्षक और समाज मिलकर सतर्कता बरतें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।





