दुमका के जरमुंडी में बाल संसद का गठन: बच्चों ने दिखाई लोकतांत्रिक समझ और नेतृत्व क्षमता

दुमका के जरमुंडी में बाल संसद का गठन: बच्चों ने दिखाई लोकतांत्रिक समझ और नेतृत्व क्षमता

author News देखो Team
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#दुमका #बाल_संसद — कन्या मध्य विद्यालय के बच्चों ने जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर बढ़ाया कदम

  • कन्या मध्य विद्यालय, जरमुंडी में 2025-26 सत्र के लिए बाल संसद का पुनर्गठन संपन्न
  • खुशी कुमारी बनीं बाल संसद की अध्यक्ष, अनिरुद्ध कुमार को मिला प्रधानमंत्री पद
  • 11 मंत्री और 11 उप मंत्री चुनकर सौंपा गया अलग-अलग विभागों का दायित्व
  • कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार ने की और समझाए बाल संसद के उद्देश्य
  • विद्यालय प्रबंधन समिति, माता समिति और अभिभावकों की रही विशेष भागीदारी
  • शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बीच रहा उत्साह और गौरव का माहौल

छात्र नेतृत्व की मिसाल: बाल संसद से बच्चों को मिला सशक्त मंच

दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बाल संसद का पुनर्गठन किया गया। इस आयोजन ने बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा। बाल संसद गठन कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय कुमार ने की।

बाल संसद में खुशी कुमारी को अध्यक्ष, अनिरुद्ध कुमार को प्रधानमंत्री, तथा अंजना गण को शिक्षामंत्री के रूप में नामित किया गया। इसके अलावा 11 अन्य बच्चों को मंत्री और 11 को उप मंत्री नियुक्त किया गया, जिन्हें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी गई।

विद्यालय समुदाय की सक्रिय सहभागिता से सजी संकल्पना

कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों की सराहनीय भागीदारी

बाल संसद के गठन समारोह में विद्यालय के शिक्षक अनिल कुमार शाही, सुनेंदु सरकार, मधुमाला कुमारी, रंजना रानी और मनोज कुमार की उपस्थिति ने बच्चों को प्रेरणा दी। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति, माता समिति और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आयोजन में भाग लिया, जिससे बच्चों को समाजिक जुड़ाव का अनुभव मिला।

इस अवसर पर प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार ने बाल संसद के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी और बताया:

“बाल संसद न केवल छात्रों को नेतृत्व कौशल सिखाती है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में तैयार करती है।”

बाल संसद से बच्चों को मिलेगा व्यावहारिक लोकतंत्र का अनुभव

इस पहल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को संवाद, सहमति, विचार-विमर्श और समस्या समाधान की प्रक्रियाएं सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यालय स्तर पर योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में उनकी सक्रिय भूमिका तय होगी।

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