
#दुमका – नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए व्यापक जांच और बैठक संपन्न:
- झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग, रांची की टीम ने दुमका में किया सर्वेक्षण।
- नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता की जांच की गई।
- हिंदू धुनिया, जोल्हा, नदाफ जातियों को अति पिछड़े वर्ग में शामिल करने पर मंथन।
- रसिकपुर, मौचीपाड़ा और बासुकीनाथ के पेटसार क्षेत्र में घर-घर सत्यापन।
- परिसदन दुमका में उच्चस्तरीय बैठक में ट्रिपल टेस्ट सर्वे पर चर्चा।
नगर निकायों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण की समीक्षा
झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग, रांची की टीम ने दुमका जिले के नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता निर्धारण हेतु डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की गहन जांच की। आयोग की टीम ने दुमका नगर परिषद के रसिकपुर, मौचीपाड़ा और नगर पंचायत बासुकीनाथ के पेटसार क्षेत्र में घर-घर जाकर सत्यापन कार्य किया।
इसके अलावा, हिंदू धुनिया, जोल्हा और नदाफ जातियों को अति पिछड़े वर्ग में शामिल करने को लेकर भी अध्ययन किया गया।
महत्वपूर्ण बैठक में आरक्षण नीति के क्रियान्वयन पर चर्चा
आयोग की टीम ने परिसदन दुमका में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में ट्रिपल टेस्ट सर्वे के नोडल पदाधिकारी और अनुश्रवण समिति के साथ गहन चर्चा की गई। बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- आयोग के सदस्य: नंदकिशोर मेहता, लक्ष्मण यादव, संजीव कुमार
- प्रशाखा पदाधिकारी: विनोद कुमार सिंह
- नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता, दुमका
- जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी
- कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद दुमका एवं नगर पंचायत बासुकीनाथ
- जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक
- प्रखंड विकास पदाधिकारी, दुमका एवं जरमुंडी
सर्वेक्षण की निष्पक्षता और सटीकता पर विशेष जोर
इस सर्वेक्षण का उद्देश्य आरक्षण नीति के सही कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है। आयोग की टीम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण की निष्पक्षता और सटीकता बनाए रखी जाए ताकि पिछड़े वर्गों को न्यायोचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
“हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पिछड़े वर्गों को आरक्षण का लाभ सही तरीके से मिले और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन हो।”
- नंदकिशोर मेहता, सदस्य, झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग
नगर निकायों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश
आयोग की टीम ने स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए नगर निकायों में पिछड़े वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण नीति का सही क्रियान्वयन सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के लिए आवश्यक है।
“न्यूज़ देखो” – आरक्षण नीति की हर पहल पर नजर
झारखंड में पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने और आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह सर्वेक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। क्या इस प्रक्रिया से पिछड़े वर्गों को न्याय मिलेगा? आपकी क्या राय है?
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