दुमका डीसी अभिजीत सिन्हा का सख्त निर्देश: आंगनबाड़ी सेविकाओं की अनुपस्थिति पर होगी बर्खास्तगी

दुमका डीसी अभिजीत सिन्हा का सख्त निर्देश: आंगनबाड़ी सेविकाओं की अनुपस्थिति पर होगी बर्खास्तगी

author Saroj Verma
1 Views Download E-Paper (10)
#दुमका #आंगनबाड़ी : योजनाओं के लाभ और आधारभूत सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
  • अनुपस्थित सेविकाएँ होंगी तुरंत बर्खास्त
  • रिक्त सेविका-सहायिका पदों की होगी प्राथमिकता से नियुक्ति।
  • किशोरी समृद्धि योजना में 37,000 लाभुकों को जोड़ा जाएगा।
  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 474 लाभुक, अब तक 201 आवेदन।
  • 217 केंद्रों में शौचालय और 450 केंद्रों में पेयजल कार्य प्रगति पर।
  • कम निरीक्षण करने वाली महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोका जाएगा

दुमका। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मंगलवार को आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि अनुपस्थित रहने वाली सेविकाएँ बर्खास्त कर दी जाएँगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि रिक्त सेविका और सहायिका पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ लाभुकों तक समय पर पहुँच सके।

किशोरी और कन्यादान योजना पर विशेष जोर

बैठक में उपायुक्त ने जानकारी दी कि सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत दुमका जिले में 37,000 किशोरियों को जोड़ा जाना है। वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 474 लाभुकों को लाभ मिलना है, जिसमें अब तक 201 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

आधारभूत सुविधाओं पर काम जारी

डीसी ने कहा कि 217 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण और 450 केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था का कार्य तेज गति से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रों में सुविधाओं की कमी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

पर्यवेक्षिकाओं पर निगरानी

डीसी अभिजीत सिन्हा ने चेतावनी दी कि जो महिला पर्यवेक्षिकाएँ 10 से कम केंद्रों का निरीक्षण करती हैं, उनका वेतन भुगतान पहले रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पर्यवेक्षिकाएँ ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुँच सकेगा।

न्यूज़ देखो: प्रशासन की सख्ती से सुधरेगी व्यवस्था

दुमका प्रशासन का यह कदम बताता है कि सरकार अब योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर कोई समझौता नहीं करना चाहती। अगर यह सख्ती जमीनी स्तर तक लागू हो जाती है तो आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बदलाव जिम्मेदारी से ही संभव है

अब वक्त है कि हर सेविका, सहायिका और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाए। योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब हर बच्चा, हर किशोरी और हर लाभुक समय पर सुविधा पाए। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को शेयर करें ताकि जागरूकता फैले।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

दुमका/देवघर

🔔

Notification Preferences

error: