#चैनपुर #सामूहिक_दुष्कर्म : कुरुमगढ़ थाना में शिकायत दर्ज, पुलिस ने जांच तेज की।
चैनपुर अनुमंडल के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित सकरा गांव में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर दो युवकों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। घटना के बाद परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
- 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप।
- घटना सकरा गांव में शादी समारोह के दौरान होने की शिकायत।
- दो युवकों पर जबरन जंगल ले जाने का आरोप।
- पीड़िता को परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी गई।
- पुलिस ने POCSO एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
- आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी।
चैनपुर क्षेत्र के कुरुमगढ़ थाना अंतर्गत सकरा गांव से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने शुक्रवार को अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल है।
शादी समारोह में पहुंची थी नाबालिग
दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता डुमरी थाना क्षेत्र की निवासी है। वह 18 अप्रैल 2026 को अपने पिता के साथ सकरा गांव स्थित अपनी फुआ के घर शादी समारोह में शामिल होने आई थी।
परिवार के मुताबिक, समारोह के दौरान रिश्तेदारों के यहां आना-जाना जारी था और गांव में उत्सव का माहौल था।
लौटते समय रास्ते में दबोचने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि 20 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे पीड़िता गांव के ही एक अन्य घर से शादी समारोह देखकर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे दो युवकों ने उसे पकड़ लिया।
आरोप है कि दोनों युवकों ने अंधेरे का फायदा उठाया और उसका मुंह बंद कर दिया, ताकि वह किसी को आवाज न दे सके।
जंगल ले जाकर अपराध करने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे जबरन पास के जंगल में ले गए। वहां एक युवक ने उसे पकड़े रखा जबकि दूसरे पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में उसे दूसरी ओर ले जाकर फिर से दुष्कर्म किया गया।
(नाबालिग की पहचान और गरिमा की रक्षा हेतु कानूनी मानकों के अनुसार संवेदनशील जानकारी सीमित रखी गई है।)
धमकी देकर कराया चुप
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों ने उसे गांव के पास छोड़ते हुए कहा कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
इसी भय के कारण वह कुछ दिनों तक चुप रही। बाद में गुरुवार रात उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई।
परिजनों ने कहा: “डर की वजह से बच्ची पहले कुछ नहीं बता सकी।”
पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुमगढ़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कांड संख्या 06/2026 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं तथा 4/6 POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना स्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा: “मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई चल रही है।”
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
नाबालिगों के खिलाफ इस प्रकार के अपराध पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, जागरूकता और त्वरित न्याय व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
न्यूज़ देखो: बेटियों की सुरक्षा पर अब कठोर कदम जरूरी
नाबालिग से दुष्कर्म जैसी घटनाएं केवल कानून नहीं, समाज की चेतना को भी चुनौती देती हैं। धमकी देकर पीड़िता को चुप कराना बताता है कि अपराधी भय का माहौल बनाना चाहते हैं। पुलिस को तेज कार्रवाई, सुरक्षित माहौल और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी होगी। दोषियों को कड़ी सजा ही भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगा सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज ही बेटियों की ढाल बनेगा
बच्चों को भरोसा दें कि सच बताना साहस है।
परिवार पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा रहे।
किसी भी अपराध की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
चुप्पी अपराधियों को ताकत देती है, जागरूकता उन्हें रोकती है।

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