
#जमशेदपुर #पुलिस_हिरासत : कस्टडी में युवक की मौत के बाद विधायक जयराम महतो ने पीड़ित परिवार को निजी वेतन से सहयोग दिया।
जमशेदपुर के एमजीएम थाना में पुलिस कस्टडी के दौरान 18 वर्षीय जीत महतो की मौत के बाद पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो आगे आए हैं। विधायक ने अपने निजी वेतन से आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए परिवार को संबल दिया। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में मौत और जवाबदेही के सवाल खड़े कर दिए हैं।
- एमजीएम थाना, जमशेदपुर में पुलिस कस्टडी के दौरान 18 वर्षीय जीत महतो की मौत।
- जीत महतो परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
- डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने 75 प्रतिशत सैलरी दान से आर्थिक मदद दी।
- विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सहयोग राशि परिवार तक पहुंचाई।
- दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने से न्याय की मांग तेज।
- श्राद्ध कर्म के दौरान राशन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन।
जमशेदपुर के एमजीएम थाना में पुलिस कस्टडी के दौरान 18 वर्षीय जीत महतो की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जीत अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, जिसकी असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने अब जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे विधायक
घटना की जानकारी मिलते ही डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिवार के दर्द को करीब से समझते हुए भरोसा दिलाया था कि इस कठिन समय में वे उनके साथ खड़े रहेंगे। इसी कड़ी में बीते शाम विधायक ने अपने संकल्प के तहत “75 प्रतिशत सैलरी दान” योजना से अपने निजी वेतन की राशि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग के रूप में प्रदान की।
आर्थिक सहायता और आगे का आश्वासन
विधायक के प्रतिनिधिमंडल द्वारा यह सहायता राशि सीधे जीत महतो के घर पहुंचाई गई। साथ ही यह भी बताया गया कि श्राद्ध कर्म के दौरान परिवार को राशन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शोकाकुल परिवार को तत्काल राहत मिल सके। यह सहयोग केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का भी प्रतीक माना जा रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी
विधायक जयराम महतो ने इस पूरे मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय की लड़ाई और आंदोलन जारी रहेगा।
जयराम कुमार महतो ने कहा: “आपका भाई, आपका बेटा हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा मिलेगा। यही हमारा संकल्प है। न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भ्रष्ट व्यवस्था के कारण झारखंडी युवाओं को पुलिस प्रताड़ना में कब तक अपनी जान गंवानी पड़ेगी।
पुलिस हिरासत में मौत पर फिर उठे सवाल
जीत महतो की मौत ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों, मानवाधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश है और वे निष्पक्ष जांच व दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: संवेदना के साथ न्याय की लड़ाई जरूरी
यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। आर्थिक सहायता से तात्कालिक राहत मिल सकती है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शी जांच अब सबसे बड़ी जरूरत है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय, संवेदना और जिम्मेदारी का संकल्प
किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह पीड़ितों के साथ कैसे खड़ा होता है। पुलिस हिरासत में मौत जैसे मामलों पर चुप्पी नहीं, बल्कि सवाल और कार्रवाई जरूरी है।
अपनी आवाज उठाएं, अन्याय के खिलाफ एकजुट हों।
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