
#मैकलुस्कीगंजसमाचार #रामनवमीउत्सव : लपरा शिव मंदिर में नौ दिन की पूजा के बाद भव्य समापन हुआ।
मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में चैती दुर्गा पूजा, वसंत नवरात्रि और रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। लपरा शिव मंदिर प्रांगण में नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। अंतिम दिन झांकी और महावीरी जुलूस निकाला गया, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
- लपरा शिव मंदिर में नौ दिनों तक दुर्गा पूजा और नवरात्रि का आयोजन।
- अंतिम दिन महावीरी झंडा जुलूस और आकर्षक झांकी निकाली गई।
- कोनका, राजीवनगर, गरतुवा, चीनाटांड़ सहित कई गांवों से पहुंचे श्रद्धालु।
- जय श्री राम के जयघोष से गूंजा पूरा मैकलुस्कीगंज क्षेत्र।
- लाठी-डंडा और अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन प्रतियोगिता का आयोजन।
- आयोजन समिति द्वारा प्रतिभागियों और गांवों को पुरस्कृत किया गया।
खलारी के मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में चैती दुर्गा पूजा, वसंत नवरात्रि और रामनवमी का पर्व इस वर्ष भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। लपरा स्थित शिव मंदिर प्रांगण में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
नौ दिनों तक चला दुर्गा पूजा और नवरात्रि अनुष्ठान
लपरा शिव मंदिर प्रांगण में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष भक्तों ने नौ दिनों तक मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की। नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
श्रद्धालुओं ने अपने घरों से खीर, पूड़ी और हलुआ बनाकर भोग अर्पित किया। कई भक्तों ने अपने घरों में कलश स्थापना कर दुर्गा पाठ किया और नौ कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। हवन के उपरांत भक्तों ने माता को पुष्पांजलि अर्पित कर विदाई दी।
रामनवमी पर निकला भव्य महावीरी जुलूस
रामनवमी के अवसर पर मैकलुस्कीगंज और आसपास के गांवों—कोनका, राजीवनगर, गरतुवा, चीनाटांड़, विकासनगर, हरहु बसरिया, चट्टी नदी, मलार टोला और लपरा से महावीरी झंडा जुलूस निकाला गया।
गाजे-बाजे और डीजे के साथ निकले इस जुलूस में “जय श्री राम” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। देवी मंडप लपरा से भगवान राम, माता सीता और हनुमान की आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रद्धालुओं ने कहा: “ऐसे आयोजन हमारी आस्था और एकता को और मजबूत करते हैं।”
लाठी-डंडा और अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन बना आकर्षण
मंदिर परिसर में पारंपरिक खेलों का भी आयोजन किया गया। लाठी-डंडा और अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने शानदार कौशल का प्रदर्शन किया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को दुर्गा पूजा सह रामनवमी पूजा समिति द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा झंडा लेकर पहुंचे गरटूआ और चीनाटांड़ गांव को भी विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।
समिति और जनप्रतिनिधियों का अहम योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष प्रदीप यादव, सचिव विपुल सिन्हा, कोषाध्यक्ष आशीष चौरसिया, रमेश गुप्ता, मुखिया पुतुल देवी, मुकेश, कल्याण मोहंती, श्याम सिंह, शशी प्रसाद, अनिल गंझू, सुबोध रजक, सोमनाथ पांडेय, नौनीत पांडेय, अभिषेक पांडेय, मनीष कुमार, सुनील गिरि, मनोज गिरि, दौलत शर्मा, विजय गुप्ता, रामसेवक प्रसाद, जितेंद्र नाथ पांडेय, रूपेश चौरसिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मंच संचालन रामबिलास गोप द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया।
न्यूज़ देखो: परंपरा और आस्था का जीवंत उदाहरण
मैकलुस्कीगंज में आयोजित यह धार्मिक आयोजन दिखाता है कि कैसे परंपरा, आस्था और सामूहिक भागीदारी समाज को जोड़ती है। ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। स्थानीय प्रशासन और समिति की जिम्मेदारी है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को और बेहतर ढंग से आयोजित किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ एकता को बनाएं अपनी पहचान
दुर्गा पूजा और रामनवमी जैसे पर्व हमें केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं देते, बल्कि समाज को एकजुट करने का संदेश भी देते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखते हैं।






