#खलारी #ईस्टर_उत्सव : पास्का पर्व का समापन—भक्ति, प्रार्थना और संदेश से सजा आयोजन।
रांची के खलारी और मैकलुस्कीगंज स्थित कैथोलिक चर्चों में ईस्टर संडे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के प्रतीक इस पर्व पर विशेष प्रार्थनाएं और मीसा अनुष्ठान आयोजित हुए। फादर हेबरतुस बेक और प्रफुल्ल तिग्गा ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया। क्षेत्र में शांति, भाईचारे और उत्साह का माहौल रहा।
- मैकलुस्कीगंज और खलारी चर्चों में ईस्टर संडे मनाया गया।
- फादर हेबरतुस बेक, प्रफुल्ल तिग्गा ने कराया अनुष्ठान।
- पास्का पर्व के तहत पाम संडे से शुरू हुआ सप्ताह।
- श्रद्धालुओं ने मोमबत्ती जुलूस और प्रार्थनाओं में भाग लिया।
- प्रेम, क्षमा और आशा का संदेश दिया गया।
रांची जिले के खलारी और मैकलुस्कीगंज स्थित कैथोलिक चर्चों में ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व ईस्टर संडे रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। यह पर्व प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश और मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक है।
पूरे सप्ताह चले पास्का पर्व के धार्मिक अनुष्ठानों का समापन ईस्टर संडे के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
पास्का पर्व की धार्मिक श्रृंखला
ईस्टर संडे से पहले पाम संडे (खजूर जुलूस) के साथ धार्मिक सप्ताह की शुरुआत हुई थी। इस दौरान चर्चों में—
- पुण्य गुरुवार
- गुड फ्राइडे
- पास्का जागरण
जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किए गए।
एक श्रद्धालु ने कहा: “पूरा सप्ताह आध्यात्मिक साधना और प्रार्थना में बीता।”
पस्का जागरण और मोमबत्ती जुलूस
शनिवार की रात पस्का जागरण के दौरान श्रद्धालुओं ने मोमबत्ती जुलूस निकाला और भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की स्मृति को जीवंत किया।
आधी रात के बाद विशेष आराधना के साथ ईस्टर पर्व का स्वागत किया गया।
मैकलुस्कीगंज चर्च में विशेष अनुष्ठान
मैकलुस्कीगंज कैथोलिक चर्च में फादर हेबरतुस बेक और सहायक फादर प्रफुल्ल तिग्गा ने विशेष मीसा अनुष्ठान संपन्न कराया।
फादर हेबरतुस बेक ने कहा: “प्रभु यीशु का पुनरुत्थान हमें प्रेम, क्षमा और नई आशा का संदेश देता है।”
खलारी चर्च में भी विशेष प्रार्थना
खलारी कैथोलिक चर्च में भी सुबह विशेष मीसा अनुष्ठान आयोजित किया गया। फादर ने अपने संदेश में कहा—
“ईस्टर हमें प्रेम, करुणा और त्याग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”
चर्चों की आकर्षक सजावट
इस अवसर पर दोनों चर्चों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को ईस्टर की बधाई दी और खुशियां साझा कीं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मसीही श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
तोबियस बारा, जोशी टीडी, जोवी टीडी, राजू शाह, पुष्पा खलको, जॉली मौली, कोर्नेलुइस खेस, तुबियस बड़ा, आशीष बड़ा, सिस्टर बिरजिनिया, सिस्टर संध्या, सिस्टर जूलिया, अमित मिंज, सचिन खालखो, संजय खालखो, किशोरी खेस, सुनीता कुजूर, प्रेम एक्का, नीलम भेंगरा, संतोष भेंगरा, अजय भेंगरा, मेरी बड़ा, अणिमा लकड़ा, एनिमा एक्का, असियानी टोप्पो, पुष्पा लकड़ा, भूषण टोप्पो, सिल्वेस्टर, नैंसी भेंगरा, के. जेनिंग्स, मार्शल, आनंद लकड़ा, फ्रांसिस, राजा, जोसेफ नटाल, जेनेट नीलिमा, देवी मेम सहित अन्य श्रद्धालु शामिल थे।
शांति और भाईचारे का संदेश
पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति, भाईचारा और धार्मिक सौहार्द का वातावरण बना रहा।
नई शुरुआत का प्रतीक
ईस्टर पर्व को नई शुरुआत, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, जो लोगों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
न्यूज़ देखो: आस्था से मिलता है जीवन का संदेश
खलारी और मैकलुस्कीगंज में मनाया गया यह पर्व यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। ईस्टर केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेम और आशा का संदेश फैलाएं
ईस्टर हमें नई शुरुआत की प्रेरणा देता है।
जरूरी है कि हम जीवन में सकारात्मकता अपनाएं।
प्रेम और क्षमा ही समाज को मजबूत बनाते हैं।
आइए, हम इस संदेश को अपने जीवन में उतारें।
अपनी शुभकामनाएं कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस प्रेरणादायक संदेश को आगे बढ़ाएं।
