एकता कल्चरल फाउंडेशन ने 77वां गणतंत्र दिवस संगीतमय देशभक्ति कार्यक्रम के साथ मनाया

एकता कल्चरल फाउंडेशन ने 77वां गणतंत्र दिवस संगीतमय देशभक्ति कार्यक्रम के साथ मनाया

author Saroj Verma
54 Views
#गिरिडीह #स्थानीयक्षेत्र #गणतंत्रदिवस_उत्सव : संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच एकता और देशप्रेम का भव्य प्रदर्शन।

एकता कल्चरल फाउंडेशन द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्थानीय सानू डेकोरेटर्स परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम 8 बजे शुरू हुए इस आयोजन में राष्ट्रीय गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया गया। फाउंडेशन से जुड़े कलाकारों और पदाधिकारियों ने मंच से सहभागिता निभाई। कार्यक्रम ने सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया।

Join WhatsApp
  • एकता कल्चरल फाउंडेशन द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया।
  • आयोजन स्थल रहा सानू डेकोरेटर्स का परिसर, कार्यक्रम शाम 8 बजे शुरू हुआ।
  • बब्लू सानू, राजेश सिन्हा, पंकज शर्मा सहित कई कलाकारों की सहभागिता।
  • राष्ट्रीय गीतों और संगीतमय प्रस्तुतियों से वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत।
  • कार्यक्रम की अवधि तीन से चार घंटे, दर्शक पूरे समय जुड़े रहे।
  • कलाकारों और समर्थकों ने एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश दिया।

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर देशभक्ति और सांस्कृतिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। एकता कल्चरल फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राष्ट्रीय मूल्यों और आपसी एकता को प्रमुखता से उभारा गया। शाम होते ही सानू डेकोरेटर्स परिसर में दर्शकों की उपस्थिति बढ़ने लगी और कार्यक्रम शुरू होते ही माहौल पूरी तरह देशभक्ति में रंग गया।

आयोजन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

एकता कल्चरल फाउंडेशन लंबे समय से सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय कलाकारों को मंच देने के लिए जाना जाता है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर संस्था ने यह कार्यक्रम आयोजित कर यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी राष्ट्रप्रेम का एक सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर छोटे-बड़े गायकों, कलाकारों और समर्थकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

फाउंडेशन के अध्यक्ष बब्लू सानू ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने “मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो”, “हर कर्म अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए” और “संदेशे से आते हैं” जैसे गीतों को स्वर देकर पूरे वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।

बब्लू सानू ने कहा: “राष्ट्रीय पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और देश के प्रति कर्तव्य की याद दिलाते हैं।”

कलाकारों की सहभागिता और संगीतमय प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन से जुड़े कई कलाकारों ने मंच संभाला और अपने सुरों से देशभक्ति का संदेश दिया। चेयरमैन राजेश सिन्हा ने संस्था की संरचना और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंच केवल एक संस्था नहीं, बल्कि कलाकारों का परिवार है।

राजेश सिन्हा ने कहा: “एकता कल्चरल फाउंडेशन छोटे-बड़े सिंगर, समर्थक और कलाकारों का गुलदस्ता है।”

महासचिव पंकज शर्मा ने कार्यक्रम की निरंतरता और दर्शकों की भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया।

सचिव कासिम खां ने कहा: “तीन से चार घंटे चले इस कार्यक्रम में लोग लगातार झूमते और जुड़ते रहे।”

सचिव कासिम खां के साथ-साथ मुज़म्मिल, नवाजिश, तैयब, सैयुम, सर्वण, अजय ताती, नदीम आरज़ू, टार्जन, कलीम, टिंकू खां, जीसु, बाबू, कादिर और संदीप अग्रवाल ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सशक्त बनाया। सभी कलाकारों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़े रखा।

एकता और सौहार्द का संदेश

कार्यक्रम के दौरान मंच से केवल गीत ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया गया। फाउंडेशन से जुड़े वरिष्ठ सदस्य संजू खान ने आपसी एकजुटता पर बल दिया।

संजू खान ने कहा: “एकता कल्चरल फाउंडेशन में एक-दूसरे के प्रति जो एकता दिखाई देती है, वह जीवन भर बनी रहे, यही कामना है।”

इस प्रकार कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक मंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी हो सकता है।

दर्शकों की भागीदारी और माहौल

सानू डेकोरेटर्स परिसर में मौजूद दर्शक पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रूप से जुड़े रहे। देशभक्ति गीतों पर तालियों और साथ गुनगुनाने का सिलसिला चलता रहा। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रहा और हर प्रस्तुति को दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला।

न्यूज़ देखो: सांस्कृतिक मंच से उभरा राष्ट्रप्रेम का स्वर

न्यूज़ देखो: गणतंत्र दिवस पर स्थानीय सांस्कृतिक एकता की मिसाल

यह आयोजन दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी राष्ट्रीय पर्वों को सार्थक बना सकते हैं। एकता कल्चरल फाउंडेशन ने कलाकारों को मंच देकर सामूहिक सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सौहार्द को मजबूत करते हैं। भविष्य में इस तरह की पहलों से सांस्कृतिक चेतना और भी सशक्त हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

राष्ट्रप्रेम को जीवंत रखने का संकल्प

गणतंत्र दिवस जैसे पर्व हमें केवल उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी अहसास कराते हैं। सांस्कृतिक मंचों से निकला संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है और नई पीढ़ी को जोड़ता है।
आइए, हम भी ऐसे आयोजनों का समर्थन करें जो एकता और देशप्रेम को मजबूत करें।
आप इस कार्यक्रम के बारे में क्या सोचते हैं, अपनी राय साझा करें। खबर को आगे बढ़ाएं, दोस्तों तक पहुंचाएं और सकारात्मक पहल का हिस्सा बनें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

दुमका/देवघर

🔔

Notification Preferences

error: