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लेखा लिपिक अजय कुमार चौधरी को पथ निर्माण विभाग में भावभीनी विदाई

#सिमडेगा #सेवानिवृत्ति_समारोह : पथ निर्माण विभाग में लेखा लिपिक के सम्मान में विदाई कार्यक्रम आयोजित हुआ।

सिमडेगा के पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल कार्यालय में लेखा लिपिक अजय कुमार चौधरी के सेवानिवृत्त होने पर विभागीय विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेखा पदाधिकारी अनिल डाहंगा ने की, जिसमें विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अधिकारियों ने अजय कुमार चौधरी के लंबे सेवाकाल, कार्यनिष्ठा और ईमानदारी की सराहना की। यह समारोह विभागीय सेवा परंपरा, अनुभव के सम्मान और भावनात्मक विदाई का प्रतीक रहा।

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  • पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल सिमडेगा में आयोजित हुआ विदाई समारोह।
  • लेखा लिपिक अजय कुमार चौधरी के सेवानिवृत्त होने पर कार्यक्रम।
  • समारोह की अध्यक्षता लेखा पदाधिकारी अनिल डाहंगा ने की।
  • कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार सिंह ने सेवाकाल की सराहना की।
  • झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह रहे उपस्थित।

पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल सिमडेगा में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले लेखा लिपिक अजय कुमार चौधरी के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर विभागीय स्तर पर एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कार्यालय परिसर में सौहार्दपूर्ण और भावनात्मक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभाग के वरीय अधिकारियों से लेकर कार्यालय कर्मियों तक ने सहभागिता निभाई और सेवानिवृत्त कर्मी के योगदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन

विदाई समारोह की अध्यक्षता लेखा पदाधिकारी अनिल डाहंगा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विभाग के लिए यह अवसर सम्मान और आत्ममंथन का होता है, जब वर्षों की सेवा देने वाले कर्मचारी अपने कार्यकाल को पूर्ण कर नए जीवन अध्याय में प्रवेश करते हैं। उन्होंने अजय कुमार चौधरी के कार्यकाल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया।

कार्यपालक अभियंता का संबोधन

कार्यक्रम में उपस्थित कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार सिंह ने कहा:

कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार सिंह ने कहा: “सेवानिवृत्ति किसी भी कर्मचारी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। अजय कुमार चौधरी ने अपने पूरे कार्यकाल में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ विभाग की सेवा की है।”

उन्होंने कहा कि लेखा जैसे महत्वपूर्ण दायित्व वाले पद पर कार्य करते हुए अजय कुमार चौधरी ने पारदर्शिता और अनुशासन को प्राथमिकता दी, जिससे विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित होता रहा। उनके अनुभव से युवा कर्मचारियों को सीख लेने की आवश्यकता है।

कर्मचारी महासंघ की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मी को एक कुशल, कर्मठ और अनुशासित कर्मचारी बताया।

झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने कहा: “अजय कुमार चौधरी का विभागीय योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से सभी के साथ सामंजस्य बनाए रखा।”

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उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी संगठन और विभाग दोनों के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं, जिनका योगदान केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि कार्यसंस्कृति को मजबूत करता है।

सेवानिवृत्त कर्मी के अनुभव

कार्यक्रम के दौरान अजय कुमार चौधरी ने भी अपने सेवाकाल से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने विभाग में बिताए गए वर्षों को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और सभी अधिकारियों व सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अजय कुमार चौधरी ने कहा: “विभाग ने मुझे सीखने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। सहकर्मियों का सहयोग और अधिकारियों का मार्गदर्शन मेरे लिए हमेशा प्रेरणादायक रहा है।”

उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान मिले अनुभव आगे के जीवन में भी मार्गदर्शन करते रहेंगे और विभाग से जुड़ी स्मृतियां हमेशा उनके साथ रहेंगी।

समारोह में उपस्थिति

विदाई समारोह में सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, कार्यालय कर्मी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मी को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, जिससे वातावरण भावुक हो गया।

विभागीय परंपरा और संदेश

यह विदाई समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विभागीय परंपरा और मानवीय मूल्यों को दर्शाने वाला आयोजन रहा। इससे यह संदेश गया कि सरकारी सेवा में वर्षों तक योगदान देने वाले कर्मचारियों का सम्मान और उनकी भूमिका को याद रखना आवश्यक है।

न्यूज़ देखो: सेवा, सम्मान और अनुभव का आदर्श उदाहरण

यह खबर बताती है कि सरकारी विभागों में कार्यसंस्कृति केवल कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संबंधों और सम्मान की परंपरा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पथ निर्माण विभाग द्वारा आयोजित यह समारोह वरिष्ठ कर्मचारियों के अनुभव को मान्यता देने का उदाहरण है। ऐसे आयोजन नए कर्मचारियों को प्रेरित करते हैं और संस्थागत मूल्यों को मजबूत करते हैं। भविष्य में भी विभागीय स्तर पर ऐसी सकारात्मक परंपराएं जारी रहनी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सेवा के बाद सम्मान सकारात्मक कार्यसंस्कृति की पहचान

सरकारी सेवा में वर्षों तक ईमानदारी और निष्ठा से काम करना आसान नहीं होता। ऐसे में जब किसी कर्मचारी को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है, तो यह पूरे तंत्र के लिए प्रेरणादायक संदेश होता है। यह दिखाता है कि अनुभव और समर्पण को महत्व दिया जाता है।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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