
#खलारी #विद्यालय_विदाई : कुसुमटोला स्थित सरना एकेडमी में दसवीं के छात्रों के सम्मान में गरिमामयी विदाई आयोजन हुआ।
रांची जिले के खलारी स्थित कुसुमटोला में सरना एकेडमी द्वारा कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के विद्यालयी जीवन की स्मृतियों को संजोते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करना रहा। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रेरणादायक संदेशों और सम्मान समारोह के माध्यम से छात्रों को नई यात्रा के लिए प्रोत्साहित किया गया। समारोह में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
- सरना एकेडमी, कुसुमटोला खलारी में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई।
- दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ।
- कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
- निदेशक महेंद्र उरांव, प्रधानाचार्य गोपाल सिंह और उप प्रधानाचार्य ओम प्रकाश गुप्ता ने दिया मार्गदर्शन।
- मेधावी एवं अनुशासित विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया।
खलारी प्रखंड के कुसुमटोला क्षेत्र में स्थित सरना एकेडमी में बुधवार को कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित विदाई समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह छात्रों और शिक्षकों के बीच वर्षों से बने आत्मीय संबंधों का भावनात्मक प्रतिबिंब भी रहा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के विद्यालयी जीवन की मधुर यादों को सहेजना और उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा एवं जीवन की नई चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना था।
दीप प्रज्वलन से हुई शुभ शुरुआत
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं स्वागत भाषण के साथ की गई। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और गरिमा का संचार हो रहा था। जैसे ही कक्षा दसवीं के विद्यार्थी सभागार में पहुंचे, विद्यालय परिवार ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का मुख्य आकर्षण रहे। गीत, नृत्य और प्रेरणादायक वक्तव्यों के माध्यम से उन्होंने अपने सीनियर विद्यार्थियों के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट किया। इन प्रस्तुतियों ने कई क्षणों में माहौल को भावुक बना दिया, तो कई अवसरों पर उत्साह और मुस्कान भी बिखेरी।
प्रबंधन और शिक्षकों का प्रेरणादायक संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक महोदय महेंद्र उरांव ने कहा कि कक्षा दसवीं विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करता है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास को जीवन का आधार बनाने की अपील की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गोपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वहीं उप प्रधानाचार्य ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीख के रूप में अपनाने की सलाह दी।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह के दौरान विद्यालय द्वारा मेधावी और अनुशासित विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए था, बल्कि उनके व्यवहार, अनुशासन और विद्यालय के प्रति सकारात्मक योगदान के लिए भी दिया गया। सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
विदाई समारोह के भावुक क्षण तब देखने को मिले, जब कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन, मित्रों के सहयोग और विद्यालय में बिताए गए पलों को याद करते हुए आभार व्यक्त किया। कई विद्यार्थियों ने कहा कि सरना एकेडमी ने उन्हें न केवल पढ़ाई, बल्कि जीवन के मूल्य भी सिखाए हैं।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। अंत में पूरे विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य, बोर्ड परीक्षा में सफलता और जीवन में आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। यह विदाई समारोह विद्यार्थियों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया।
न्यूज़ देखो: विदाई समारोह से झलका शिक्षा का मानवीय पक्ष
सरना एकेडमी का यह आयोजन दर्शाता है कि विद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि भावनात्मक और नैतिक विकास का भी स्थान है। ऐसे समारोह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के मानवीय पक्ष को मजबूत करते हैं। सवाल यह है कि क्या सभी शैक्षणिक संस्थान इस तरह विद्यार्थियों के समग्र विकास पर समान ध्यान दे पा रहे हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई उड़ान के लिए शुभकामनाएं
विदाई का अर्थ अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
कक्षा दसवीं के विद्यार्थी अब जीवन की नई राह पर कदम रखने जा रहे हैं।
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