
#बानो #शिक्षा : संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल में मैट्रिक विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित हुआ।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल में मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्र-छात्राओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक तरीके से विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। समारोह में शिक्षकों ने परीक्षा के साथ जीवन मूल्यों पर भी मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगामी शैक्षणिक और जीवन यात्रा के लिए तैयार करना रहा।
- संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल, बानो में मैट्रिक छात्रों का विदाई समारोह।
- प्रिंसिपल फ्रांसिस टेटे ने परीक्षा और जीवन को लेकर प्रेरक संदेश दिया।
- छात्रों का चंदन तिलक व गुलदस्ता देकर सम्मान।
- गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भावनात्मक माहौल।
- शिक्षकगण और विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रिय भागीदारी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल में मैट्रिक परीक्षा 2026 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय परिवार की ओर से एक गरिमामयी विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों को मंच तक गीत-संगीत के साथ लाया गया, जहां शिक्षकों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। यह अवसर छात्रों के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी रहा। समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार किया गया।
पारंपरिक सम्मान के साथ विद्यार्थियों को दी गई विदाई
विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह के दौरान सभी मैट्रिक छात्रों का चंदन तिलक लगाकर और गुलदस्ता देकर सम्मान किया गया। शिक्षकों ने छात्रों को यह संदेश दिया कि विद्यालय से मिली शिक्षा और संस्कार उनके पूरे जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। मंच पर पहुंचते समय कई छात्रों की आंखों में भावुकता साफ दिखाई दे रही थी।
प्रिंसिपल फ्रांसिस टेटे का प्रेरणादायक संबोधन
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रिंसिपल फ्रांसिस टेटे ने कहा:
फ्रांसिस टेटे ने कहा: “मैट्रिक परीक्षा जीवन की पहली सीढ़ी है। अंधेरे के बाद सबेरा आता है। जो मेहनत करता है, वही मुकाम पाता है। रुकने से कुछ नहीं बदलता, आगे बढ़ने से ही सफलता मिलती है।”
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें और बिना तनाव के परीक्षा दें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई समारोह की गरिमा
विदाई समारोह के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत और संगीत के माध्यम से सीनियर छात्रों के प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
शिक्षकों और प्रबंधन समिति की रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर सुनीता गुड़िया, सालोमी बारला, मर्सी लुगुन, विजय सोरेंग, अलीशा जोजवार, ऋतु कुमारी, सुचिता इंदिवार, सुनीता सुरीन, बिजय मड़की, जेम्स लुगुन, परसुराम सिंह, पौलुस भुइयाँ, नेल्सन इंदिवार सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अभिषेक सुरीन और दाऊद बागे ने किया। विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों की उपस्थिति से समारोह और भी गरिमामयी बन गया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कार की मजबूत नींव
संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल का यह आयोजन दर्शाता है कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और जीवन मूल्यों को मजबूत करते हैं। विद्यालय की यह पहल अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में ऐसे आयोजन शिक्षा प्रणाली का नियमित हिस्सा बनते हैं या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई उड़ान के लिए आत्मविश्वास जरूरी
मैट्रिक परीक्षा के साथ विद्यार्थियों के जीवन का नया अध्याय शुरू होता है। इस मोड़ पर सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच सबसे बड़ा सहारा होती है। अभिभावकों और समाज की भूमिका भी छात्रों के मनोबल को मजबूत करने में अहम है।
आपका क्या मानना है, क्या ऐसे विदाई समारोह छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और शिक्षा से जुड़ी सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाएं।







