
#लातेहार #शैक्षणिक_गतिविधि : भाषण मंच पर विद्यार्थियों ने हिंदी और अंग्रेजी में विचार रखकर प्रतिभा व आत्मविश्वास का प्रभावी प्रदर्शन किया
- तिलैयाटांड़ स्थित मदरसा खैरुल उलूम में अंग्रेजी एवं हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन।
- कार्यक्रम की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई।
- इंग्लिश भाषण में मो. रागिब प्रथम, मो. सलमान द्वितीय रहे।
- हिंदी भाषण में मो. शोएब आलम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- छात्रों में आत्मविश्वास, मंच कौशल और भाषाई रुचि का विकास।
- सफल प्रतिभागियों को प्रोत्साहित कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
चंदवा प्रखंड की चंदवा पूर्वी पंचायत अंतर्गत तिलैयाटांड़ स्थित मदरसा खैरुल उलूम के सभागार में गुरुवार को अंग्रेजी एवं हिंदी भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान पाक की तिलावत के साथ हुई। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लेकर अपनी भाषाई दक्षता, आत्मविश्वास और मंच पर बोलने की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
शिक्षा के साथ भाषाई विकास पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदरसा के संचालक मौलाना रिज़वान दानिश नदवी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा—
“जिंदा हो अगर तो बोलना सीखो,
दुनिया किसी गूंगे की कहानी नहीं लिखती।”
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन सीखने, अभ्यास करने और आत्मनिर्भर बनने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। मदरसों से शिक्षा प्राप्त कर आज कई लोग डॉक्टर, इंजीनियर और समाज के प्रतिष्ठित पदों पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि उर्दू और अरबी के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी जैसी आधुनिक भाषाओं का ज्ञान आज के दौर में बेहद जरूरी है।
इंग्लिश भाषण प्रतियोगिता का परिणाम
अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता में कुल 12 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर परिणाम इस प्रकार रहे—
- मो. रागिब — 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान।
- मो. सलमान — 84.75 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान।
- मो. अशफाक — 77 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान।
- मो. तौफीक — 74.75 प्रतिशत अंक के साथ चतुर्थ स्थान।
छात्रों की स्पष्ट उच्चारण शैली, आत्मविश्वास और विषय की समझ ने दर्शकों को प्रभावित किया।
हिंदी भाषण में मो. शोएब आलम अव्वल
हिंदी भाषण प्रतियोगिता में कुल 18 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सामाजिक, नैतिक और शैक्षणिक विषयों पर भाषण प्रस्तुत किए गए। परिणाम इस प्रकार रहे—
- मो. शोएब आलम — 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान।
- उमर फारूक — 89 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान।
- मो. मोहसिन — 88.75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान।
- मो. अरबाज — 87.5 प्रतिशत अंक के साथ चतुर्थ स्थान।
- मो. गुलजार — 87 प्रतिशत अंक के साथ पांचवां स्थान।
- मो. नसीम — 86.25 प्रतिशत अंक के साथ छठा स्थान।
प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने न केवल भाषा पर पकड़ दिखाई, बल्कि मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने की क्षमता भी प्रदर्शित की।
छात्रों को मिला प्रोत्साहन, आत्मविश्वास में हुआ इजाफा
कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और भाषाओं के प्रति रुचि को नया आयाम मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना सलमान आशिक नदवी ने किया। मौके पर मौलाना इरफान कासमी, मौलाना इजहार कासमी, मौलाना अबूबकर नदवी, मौलाना जफर इकबाल मझाहरी सहित शिक्षकगण एवं सैकड़ों छात्र उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ अभिव्यक्ति का मंच
मदरसा खैरुल उलूम में आयोजित भाषण प्रतियोगिता यह दर्शाती है कि आज के मदरसे आधुनिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। भाषा और अभिव्यक्ति के माध्यम से छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने की यह पहल सराहनीय है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मंच से निकलता आत्मविश्वास, भविष्य की ओर कदम
आज जो छात्र मंच पर बोलना सीखते हैं, वही कल समाज का नेतृत्व करते हैं।
ऐसी प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
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