Latehar

एक साल बाद भी अधूरी छिपादोहर बाइपास सड़क, उड़ती धूल से जनजीवन प्रभावित

#बरवाडीह #सड़क_निर्माण : पीएमजीएसवाई योजना की बाइपास सड़क अधूरी, धूल और लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश।

बरवाडीह प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छिपादोहर बाइपास सड़क का निर्माण एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जनवरी 2024 में शुरू हुई यह योजना फिलहाल ठप पड़ी है। अधूरे निर्माण और उड़ती धूल से ग्रामीणों व राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • जनवरी 2024 में हुआ था बाइपास सड़क का शिलान्यास।
  • करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बननी है सड़क।
  • 7 किलोमीटर लंबी बाइपास सड़क का कार्य अधूरा।
  • केवल जीएसबी सामग्री डालकर छोड़ा गया निर्माण।
  • धूल और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रामीण परेशान।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बरवाडीह प्रखंड में छिपादोहर बाइपास सड़क का निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही थी। इसका उद्देश्य भारी वाहनों को मुख्य बाजार क्षेत्र से बाहर निकालना और यातायात को सुगम बनाना था। जनवरी 2024 में विधिवत शिलान्यास के साथ इस योजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है।

करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 7 किलोमीटर लंबी इस बाइपास सड़क पर अब तक केवल जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) सामग्री बिछाई गई है। इसके आगे की प्रक्रिया, विशेषकर पीसीसी सड़क निर्माण, अब तक शुरू नहीं हो सकी है। कई महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है, जिससे योजना की प्रगति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

फंड की कमी से रुका निर्माण कार्य

स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के ठप होने का मुख्य कारण फंड की कमी है। संवेदक द्वारा कार्य आगे नहीं बढ़ाए जाने से सड़क अधूरी हालत में छोड़ दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते निर्माण पूरा कर लिया जाता, तो आज उन्हें इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

निर्माण एजेंसी की ओर से न तो कार्य की कोई स्पष्ट समय-सीमा बताई जा रही है और न ही नियमित निगरानी नजर आ रही है। इससे लोगों में यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं यह सड़क लंबे समय तक इसी हालत में न पड़ी रह जाए।

उड़ती धूल से बढ़ी स्वास्थ्य समस्याएं

अधूरी सड़क पर डाली गई निर्माण सामग्री पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इसके चलते दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते ही सड़क पर धूल का बादल छा जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, उड़ती धूल के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि घरों के अंदर तक धूल जमा हो जाती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

संवेदक की लापरवाही पर आरोप

स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण से जुड़े संवेदक पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विरोध और शिकायत के बाद कुछ दिनों के लिए पानी का छिड़काव शुरू किया गया, लेकिन फिर उसे भी बंद कर दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, यदि नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए तो कम से कम धूल की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन संवेदक की उदासीनता के कारण हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

आंदोलन और विरोध के बावजूद समाधान नहीं

बताया जा रहा है कि इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किए हैं। बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सड़क की बदहाल स्थिति और बढ़ती परेशानी के चलते लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे एक बार फिर सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला उपायुक्त से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क पर तत्काल नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए और बाइपास सड़क का शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करवाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा बन सकती है, लेकिन लापरवाही के कारण यह परेशानी का कारण बन गई है।

लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन हस्तक्षेप कर संवेदक पर दबाव बनाएगा और योजना को जल्द पूरा कराया जाएगा।

न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं की जमीनी सच्चाई

छिपादोहर बाइपास सड़क का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि योजनाओं की घोषणा के बाद उनकी निगरानी कितनी प्रभावी है। करोड़ों की लागत वाली सड़क का अधूरा रहना और उससे लोगों का प्रभावित होना प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है। अब देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अधूरा विकास नहीं, जिम्मेदार कार्रवाई जरूरी

सड़क केवल सुविधा नहीं, जीवन से जुड़ा सवाल है।
अधूरी योजनाएं आम लोगों की परेशानी बढ़ाती हैं।
समय पर काम पूरा हो, यही जनता की अपेक्षा है।
आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जवाबदेही की मांग को मजबूत बनाएं।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: