शादी के झांसे में शोषण: जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी, गढ़वा में दर्ज हुआ सनसनीखेज मामला

शादी के झांसे में शोषण: जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी, गढ़वा में दर्ज हुआ सनसनीखेज मामला

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #महिला_अपराध : शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, गर्भपात और धमकी का गंभीर आरोप, महिला थाना में एफआईआर।

गढ़वा जिले में एक युवती के साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। चतरा जिले की पीड़िता की लिखित शिकायत पर गढ़वा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपों में एक युवक पर लगातार शोषण, साक्ष्य मिटाने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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  • चतरा जिले की युवती ने गढ़वा के युवक पर गंभीर आरोप लगाए।
  • शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप।
  • जबरन गर्भपात और साक्ष्य मिटाने की कोशिश का दावा।
  • जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप।
  • गढ़वा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी।

गढ़वा जिले से सामने आया यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। चतरा जिले की रहने वाली एक युवती ने गढ़वा जिले के ऊंचरी क्षेत्र निवासी युवक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने, गर्भवती होने पर जिम्मेदारी से मुकरने, जबरन गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद महिला थाना गढ़वा में मामला दर्ज कर लिया गया है।

रेलवे स्टेशन पर हुई पहचान से शुरू हुई कहानी

पीड़िता ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह चतरा थाना क्षेत्र के चिहुटिया गांव की रहने वाली है। कुछ समय पूर्व वह चोपन से गढ़वा आने के लिए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात गढ़वा जिले के ऊंचरी क्षेत्र निवासी गोलू खान नामक युवक से हुई। बातचीत के क्रम में युवक ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और धीरे-धीरे प्रेम का विश्वास दिलाया।

पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसे शादी का भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने विश्वास के कारण उसका विरोध नहीं किया और रिश्ते को भविष्य की शादी से जोड़कर देखा।

लगातार शारीरिक शोषण और दबाव का आरोप

शिकायत में युवती ने बताया कि आरोपी युवक ने कई बार अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा उस पर अपने एक मित्र के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और समाज में बदनाम करने की धमकी दी गई।

पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे डर और दबाव में रखकर लंबे समय तक शोषण किया, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है।

गर्भवती होने पर मुकरा आरोपी

समय बीतने के साथ युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी से इस बारे में बात की और शादी कर जिम्मेदारी लेने की बात कही, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। पीड़िता के अनुसार इस मामले में आरोपी की मां से भी बातचीत हुई, जहां निकाह की शर्त पर रखने की बात कही गई। युवती ने निकाह से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी और अधिक आक्रामक हो गया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी दी जाने लगी और दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की गई।

साक्ष्य मिटाने के लिए जबरन गर्भपात का आरोप

युवती ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि गर्भवती होने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसे बुखार की दवा बताकर कुछ दवाइयां खिलाईं, जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद युवती ने मृत नवजात को जन्म दिया। इस घटना के बाद वह भय और मानसिक तनाव में जी रही है।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मृत नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि गर्भ में बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मामले को लेकर एसडीपीओ नीरज कुमार ने बताया:

“पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामला बेहद गंभीर है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ देखो: महिलाओं की सुरक्षा पर फिर सवाल

गढ़वा की यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि महिलाओं की सुरक्षा और भरोसे के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है। कानून के सख्त प्रावधानों के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

चुप्पी नहीं, न्याय की आवाज बनें

ऐसे मामलों में पीड़िताओं का साहस ही बदलाव की शुरुआत होता है। समाज की जिम्मेदारी है कि वह पीड़िता के साथ खड़ा हो और न्याय की मांग करे। यदि आपके आसपास भी ऐसी कोई घटना हो, तो आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता फैलाकर जिम्मेदारी निभाएं।

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गढ़वा

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