हुरदा पीएचसी में विश्व मोतियाबिंद सप्ताह पर नेत्र जांच शिविर 55 मरीजों को मिला निःशुल्क चश्मा

हुरदा पीएचसी में विश्व मोतियाबिंद सप्ताह पर नेत्र जांच शिविर 55 मरीजों को मिला निःशुल्क चश्मा

author Shivnandan Baraik
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#बानो #मोतियाबिंद_सप्ताह : हुरदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र जांच शिविर लगाकर मरीजों को उपचार और चश्मा वितरित।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित हुरदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व मोतियाबिंद सप्ताह के अवसर पर गुरुवार को विशेष नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में मरीजों की आंखों की जांच की गई और आवश्यक दवाइयां दी गईं। जांच के बाद 55 मरीजों को निःशुल्क चश्मा भी वितरित किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई।

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  • हुरदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बानो में विश्व मोतियाबिंद सप्ताह पर विशेष कार्यक्रम आयोजित।
  • डॉ. मनोरंजन कुमार के नेतृत्व में लगाया गया नेत्र जांच शिविर।
  • मरीजों की जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां और 55 लोगों को चश्मा वितरित।
  • ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर नेत्र जांच और स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया।
  • कार्यक्रम में जमतई पंचायत के मुखिया नामजन जोजो सहित स्वास्थ्यकर्मी रहे उपस्थित।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत हुरदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व मोतियाबिंद सप्ताह के अवसर पर गुरुवार को विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ओपीडी और नेत्र जांच शिविर लगाया गया, जहां क्षेत्र के लोगों की आंखों की जांच की गई और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

कार्यक्रम का नेतृत्व स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार ने किया। शिविर में आए मरीजों की विस्तार से जांच की गई और जरूरत के अनुसार उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी दी गईं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उपयोगी बताया।

नेत्र रोग से पीड़ित मरीजों की विशेष जांच

इस विशेष शिविर में मुख्य रूप से नेत्र रोग से पीड़ित मरीजों की जांच की गई। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने मरीजों की आंखों की स्थिति का परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया।

जांच के दौरान जिन मरीजों को दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें उचित उपचार और सलाह दी गई ताकि वे समय रहते अपनी आंखों की देखभाल कर सकें।

शिविर में आए लोगों को आंखों की स्वच्छता, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी जानकारी दी गई।

55 मरीजों को वितरित किए गए निःशुल्क चश्मे

शिविर के दौरान जिन मरीजों को दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उनमें से कई लोगों को चश्मे की आवश्यकता थी। जांच पूरी होने के बाद 55 मरीजों के बीच निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के उन लोगों को राहत मिली जिन्हें आर्थिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं मिल पाता। चश्मा मिलने के बाद मरीजों ने खुशी जताई और स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना की।

समय पर जांच से मोतियाबिंद से बचाव संभव

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार ने लोगों को मोतियाबिंद बीमारी के बारे में जागरूक किया।

डॉ. मनोरंजन कुमार ने कहा: “मोतियाबिंद एक सामान्य लेकिन गंभीर नेत्र रोग है। यदि समय पर इसकी जांच और उपचार कराया जाए तो इससे होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लापरवाही न करें और तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में आकर जांच कराएं।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर लाभकारी

इस अवसर पर जमतई पंचायत के मुखिया नामजन जोजो भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहद लाभकारी होते हैं।

नामजन जोजो ने कहा: “ऐसे स्वास्थ्य शिविरों से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं और वे समय रहते अपनी बीमारी का इलाज करा सकते हैं।”

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।

स्वास्थ्य कर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर नेत्र ओप्थोलमोलॉजिस्ट प्रीति गुलशन, सीएमओ नीलम डुंगडुंग, एएनएम नम्रता केरकेट्टा, हरमणि बड़ाइक, एमपीडब्ल्यू पोल मिंज और एलटी उमेश किसलय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

इन सभी ने मिलकर शिविर में आए मरीजों की जांच और उपचार की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर की बढ़ती जरूरत

हुरदा पीएचसी में आयोजित यह नेत्र जांच शिविर यह दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना कितना जरूरी है। अक्सर दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को आंखों जैसी सामान्य लेकिन गंभीर बीमारियों की समय पर जांच नहीं मिल पाती। ऐसे शिविर न केवल इलाज उपलब्ध कराते हैं बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ आंखें बेहतर जीवन की पहचान

हमारी आंखें हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि हम समय-समय पर अपनी आंखों की जांच कराते रहें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य शिविर लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों को भाग लेना चाहिए।

यदि आपके आसपास भी इस तरह का स्वास्थ्य शिविर आयोजित हो तो जरूर जाएं और अपने परिवार के लोगों को भी साथ लेकर जाएं। इस खबर को साझा करें और दूसरों को भी आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनने के लिए प्रेरित करें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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