
#सिमडेगा #कृषि_प्रशिक्षण : राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों का दल ग्रेटर नोएडा अध्ययन दौरे पर रवाना।
सिमडेगा जिले के चयनित किसानों का दल राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत अंतरराज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली एनसीआर रवाना हुआ। उपायुक्त कंचन सिंह ने बस को हरी झंडी दिखाकर किसानों को विदा किया और उन्नत कृषि तकनीक सीखकर जिले में लागू करने की अपील की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 मार्च से 17 मार्च 2026 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने किसानों के दल को ग्रेटर नोएडा दिल्ली एनसीआर के लिए रवाना किया।
- कार्यक्रम राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत आयोजित।
- 10 मार्च से 17 मार्च 2026 तक चलेगा प्रशिक्षण और अध्ययन दौरा।
- किसान सीखेंगे आधुनिक बागवानी तकनीक और उन्नत खेती के मॉडल।
- मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो भी रहीं उपस्थित।
सिमडेगा जिले के किसानों को आधुनिक खेती और उन्नत बागवानी तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के जिला कृषि कार्यालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) योजना के तहत चयनित किसानों के एक दल को अंतरराज्यीय प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम के लिए दिल्ली एनसीआर भेजा गया।
इस अवसर पर सिमडेगा की उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने बस को हरी झंडी दिखाकर किसानों के दल को रवाना किया। उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने जिले में लागू करें ताकि कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम
यह अंतरराज्यीय प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों और उन्नत कृषि मॉडल से परिचित कराना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसान देश के विकसित कृषि क्षेत्रों का दौरा करेंगे और वहां अपनाई जा रही आधुनिक खेती की तकनीकों को करीब से देखेंगे।
10 से 17 मार्च तक चलेगा अध्ययन दौरा
यह प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम 10 मार्च 2026 से 17 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सिमडेगा के चयनित किसान ग्रेटर नोएडा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र का दौरा करेंगे।
यहां किसान राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं, आधुनिक बागवानी पद्धतियों और सफल कृषि मॉडल का अध्ययन करेंगे।
इसके साथ ही किसानों को कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें उन्नत खेती के तरीके, पौध प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने की तकनीक और बाजार से जुड़ने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
उन्नत तकनीकों से किसानों को मिलेगा लाभ
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराना है।
किसान वहां जाकर यह समझेंगे कि सीमित संसाधनों में भी किस तरह बेहतर उत्पादन किया जा सकता है। साथ ही उन्हें बागवानी से जुड़े ऐसे मॉडल भी दिखाए जाएंगे, जिनसे कम लागत में अधिक आय प्राप्त की जा सके।
उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशिक्षण से लौटने के बाद किसान इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाकर जिले में कृषि के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इस प्रशिक्षण से जो भी नई जानकारी और अनुभव प्राप्त होंगे, उन्हें अपने क्षेत्र में लागू कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और जिले के अन्य किसानों को भी प्रेरित कर सकते हैं।”
जिला कृषि पदाधिकारी भी रहीं मौजूद
किसानों को रवाना करने के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो भी मौजूद रहीं। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़ना है।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें और वापस आकर अपने गांव के अन्य किसानों के साथ भी अनुभव साझा करें।
आधुनिक कृषि की ओर बढ़ता सिमडेगा
सिमडेगा जिले में किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, परिभ्रमण और जागरूकता अभियान आयोजित करता रहता है।
ऐसे कार्यक्रमों से किसानों को नई सोच और नई तकनीकों का अनुभव मिलता है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।

न्यूज़ देखो: प्रशिक्षण से बदलेगी खेती की दिशा
किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना कृषि विकास के लिए बेहद जरूरी है। सिमडेगा के किसानों को दिल्ली एनसीआर जैसे विकसित कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए भेजना एक सकारात्मक पहल है। यदि किसान वहां से सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाते हैं तो इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि जिले के अन्य किसानों को भी नई दिशा मिलेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई तकनीक अपनाएं, खेती को बनाएं और मजबूत
आज के दौर में खेती केवल परंपरागत तरीके से नहीं बल्कि आधुनिक तकनीकों के साथ करनी होगी। नई जानकारी, प्रशिक्षण और अनुभव से किसान अपनी मेहनत को और अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं तो कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है और खेती को एक मजबूत आर्थिक आधार बनाया जा सकता है।
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