Dumka

आगजनी से तबाह किसानों की मेहनत, दुमका के दो गांवों में खलिहान जलकर राख

#दुमका #खलिहान_आगजनी : मसानजोड़ और मसलिया क्षेत्र में किसानों को भारी नुकसान।

दुमका जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मसानजोड़ और मसलिया इलाकों में खलिहान में लगी आग से सैकड़ों क्विंटल धान और कृषि उपकरण जलकर नष्ट हो गए। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है, ताकि आर्थिक संकट से उबरा जा सके।

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  • मसानजोड़ थाना क्षेत्र के मुड़जोड़ा गांव में खलिहान में भीषण आग।
  • 15 बीघा खेत का लगभग 60 क्विंटल धान सहित कृषि उपकरण जले।
  • मसलिया थाना क्षेत्र के सिरमाकाजल टोला में भी खलिहान आग की चपेट में।
  • जोगिया देवी का चार बीघा धान और बिचाली जलकर राख।
  • आग लगने के कारण अज्ञात, दोनों मामलों में जांच की मांग।

दुमका जिले में आगजनी की लगातार दो घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मसानजोड़ और मसलिया थाना क्षेत्रों में खलिहानों में लगी आग से न केवल फसल नष्ट हुई, बल्कि किसानों की आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दोनों ही घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं, जब किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखने की तैयारी कर रहे थे।

मुड़जोड़ा गांव में भीषण आग से भारी नुकसान

मसानजोड़ थाना क्षेत्र के मुड़जोड़ा गांव में रविवार देर रात नरेश मुर्मू के खलिहान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते खलिहान में रखा 15 बीघा खेत का लगभग 60 क्विंटल धान, पंप सेट, धान झाड़ने की मशीन और बैलगाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई।

आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि ग्रामीणों के तमाम प्रयासों के बावजूद उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने के बाद दुमका मुख्यालय से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक आग अपना भयावह रूप ले चुकी थी। पूरी रात कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका जा सका।

सिरमाकाजल टोला में भी खलिहान बना आग का शिकार

दूसरी घटना मसलिया थाना क्षेत्र के गुमरो पंचायत अंतर्गत सिरमाकाजल टोला की है, जहां सोमवार को खलिहान में आग लग गई। इस हादसे में जोगिया देवी का चार बीघा जमीन का धान और बिचाली जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।

ग्रामीणों ने पंप सेट की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि तब तक भारी नुकसान हो चुका था। इस घटना ने भी ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है।

आग लगने के कारण अब भी रहस्य

दोनों ही घटनाओं में आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। न तो शॉर्ट सर्किट की पुष्टि हो पाई है और न ही किसी अन्य वजह की जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

मुआवजे की मांग, संकट में किसान परिवार

पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खलिहान में रखी फसल ही उनकी साल भर की कमाई का आधार थी। यदि समय पर राहत नहीं मिली, तो प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आगजनी की घटनाओं से किसानों का मनोबल टूट रहा है और उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन से राहत की उम्मीद

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन पीड़ित किसानों की स्थिति को गंभीरता से समझेगा और जल्द से जल्द मुआवजा व सहायता उपलब्ध कराएगा। साथ ही आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए गांव स्तर पर जागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग भी उठ रही है।

न्यूज़ देखो: किसानों की सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रही आगजनी की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में फसल सुरक्षा की पोल खोल रही हैं। खलिहानों में आग लगने से किसानों की पूरी आजीविका दांव पर लग जाती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से राहत और मुआवजा पहुंचाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसान की मेहनत की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

किसानों की फसल उनकी जिंदगी की पूंजी होती है। ऐसे हादसों में उनके साथ खड़ा होना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और पीड़ित किसानों के लिए आवाज उठाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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