
#सिमडेगा #कृषि_प्रशिक्षण : नवागांव में किसानों को सरसों की खेती, मिट्टी जांच और रोग नियंत्रण पर विस्तृत जानकारी दी गई
- SAME योजना अंतर्गत कृषक पाठशाला का आयोजन।
- किसानों को मिट्टी जांच के तरीके और पोषक तत्वों की जानकारी दी गई।
- सरसों फसल में लगने वाले भुवा, पीलू और लाही रोगों पर विस्तृत चर्चा।
- कार्यक्रम में आधुनिक कृषि यंत्रों के महत्व पर प्रायोगिक जानकारी।
- आत्मा सिमडेगा टीम के प्रवीण सिंह, कुमार सौरभ, सुनील समद, ओबैदुल्लाह एहरार सहित किसान उपस्थित।
बानो प्रखंड के पंचायत बड़काडुईल स्थित नवागांव ग्राम में मंगलवार को SAME योजना के तहत एक महत्वपूर्ण कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और रोग नियंत्रण के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान शामिल हुए और विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक समझा।
किसानों को मिली कई महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियाँ
कृषक पाठशाला के पहले सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी जांच की विधि, मिट्टी में मौजूद प्रमुख और सूक्ष्म पोषक तत्वों का महत्व तथा इनका फसल उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। किसानों को यह भी समझाया गया कि सरसों की बेहतर पैदावार के लिए संतुलित पोषण कितना आवश्यक है।
दूसरे चरण में सरसों की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग—भुवा, पीलू और लाही—की पहचान, उनके लक्षण और प्रभावी उपचार पर विस्तृत चर्चा की गई। किसानों को सही समय पर दवा छिड़काव और रोकथाम के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई, ताकि फसल हानि से बचा जा सके।
कृषि में आधुनिक यंत्रों की भूमिका भी समझाई गई
प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, समय की बचत, लागत में कमी और उपज बढ़ाने में इनकी भूमिका पर भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को मशीनों के सही उपयोग तथा रख-रखाव के तरीकों के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में शामिल अधिकारी
कृषक पाठशाला में आत्मा सिमडेगा से आए
- उप परियोजना निदेशक प्रवीण सिंह,
- प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कुमार सौरभ,
- BTM बानो सुनील समद,
- ATM बानो ओबैदुल्लाह एहरार
सहित बड़ी संख्या में किसान सहभागी रहे।
किसानों के लिए उपयोगी और प्रभावी पहल
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों में जागरूकता बढ़ाने, सही कृषि पद्धतियों को अपनाने और फसल उत्पादन में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय किसानों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की पाठशालाएँ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण कृषि विकास की मजबूत पहल
बानो प्रखंड में आयोजित यह कृषक पाठशाला SAME योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण है। किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आधार है। ऐसे कार्यक्रमों से कृषि उत्पादन, दक्षता और गुणवत्तापूर्ण खेती को बढ़ावा मिलेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कृषि को नया आयाम दें – सीखें, अपनाएँ, आगे बढ़ें
किसान तभी अधिक लाभ कमा सकते हैं जब वे नई तकनीकें सीखें और उन्हें खेत में लागू करें। मिट्टी जांच, सही पोषण और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कृषि को ज्यादा लाभकारी बनाता है।
आप भी अपने क्षेत्र में होने वाली ऐसी गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करें और किसान भाई-बहनों को जागरूक करें।
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