सिमडेगा में परमवीर शहीद अब्दुल हमीद स्मृति फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल: मैना बेड़ा टीम ने जीता खिताब

सिमडेगा में परमवीर शहीद अब्दुल हमीद स्मृति फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल: मैना बेड़ा टीम ने जीता खिताब

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #फुटबॉल : खैरन टोली स्कूल मोहल्ला मैदान में खेले गए फाइनल में मैना बेड़ा सिमडेगा ने दोस्ती FC कुरडेग को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताब जीता
  • परमवीर शहीद अब्दुल हमीद स्मृति डे-नाईट फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल रविवार की रात खेला गया।
  • मुकाबले में दोस्ती FC कुरडेग और मैना बेड़ा सिमडेगा की टीमें आमने-सामने हुईं।
  • रोमांचक खेल का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें मैना बेड़ा ने जीत दर्ज की।
  • आयोजन स्थल खैरन टोली स्कूल मोहल्ला मैदान खेल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।

सिमडेगा जिले के खैरन टोली स्कूल मोहल्ला मैदान में रविवार की रात आयोजित परमवीर शहीद अब्दुल हमीद स्मृति डे-नाईट फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा। इसमें दोस्ती FC कुरडेग और मैना बेड़ा सिमडेगा की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने गोल दागने के कई प्रयास किए, लेकिन अंत तक मैच बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में विजेता का फैसला हुआ।

रोमांचक फाइनल का परिणाम

फाइनल मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया। पूरे मैच में दर्शक अपनी-अपनी टीम का हौसला बढ़ाते रहे। पेनल्टी शूटआउट में मैना बेड़ा सिमडेगा की टीम ने निर्णायक बढ़त बनाकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। उनकी जीत से पूरे मैदान में खुशी की लहर दौड़ गई और समर्थकों ने जोरदार तालियों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथियों की मौजूदगी

इस आयोजन में कई गणमान्य लोग और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी उपस्थित हुए। मुख्य संरक्षक के रूप में झामुमो जिला सचिव सफीक खान मौजूद रहे। उनके साथ भारत वेजिटेबल शॉप के भरत कुमार, विधायक भूषण बाड़ा के प्रतिनिधि एजाज अहमद, नगर अध्यक्ष अरशद हुसैन, यूथ कांग्रेस नेता चंदन कुमार कुरडेग और जिशान अहमद भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

सफीक खान ने कहा: “यह टूर्नामेंट युवाओं को खेलों से जोड़ने और समाज में भाईचारे का संदेश देने का शानदार माध्यम है।”

आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

खेल समिति के अध्यक्ष रुस्तम खान ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। समिति के सदस्य मोहम्मद नौशाद, आकिब जावेद, रिज़वान, सोनू, आदिल अंसारी, साबिर आलम ने भी आयोजन में सक्रिय योगदान दिया। उनकी मेहनत से टूर्नामेंट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

खेल प्रेमियों की भारी मौजूदगी

फाइनल मुकाबले को देखने के लिए दूर-दराज से खेल प्रेमी पहुंचे थे। मैदान में हर उम्र के दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। खिलाड़ियों की हर चाल और गोल प्रयास पर दर्शक झूम उठे। इस आयोजन ने साबित किया कि सिमडेगा फुटबॉल प्रेमियों का गढ़ है।

न्यूज़ देखो: खेल से निखरता समाज

सिमडेगा में हुए इस फुटबॉल टूर्नामेंट ने यह संदेश दिया कि खेल न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता और युवा ऊर्जा को भी नई दिशा देता है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ऐसे आयोजन और भी सफल हो सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

युवाओं की ऊर्जा को खेलों से जोड़ें

फुटबॉल जैसे खेल युवाओं को अनुशासन, एकता और मेहनत का महत्व सिखाते हैं। अब समय है कि हम सब मिलकर खेलों को और प्रोत्साहित करें ताकि अगली पीढ़ी भी खेलों के जरिए आगे बढ़ सके। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को दोस्तों तक साझा करें ताकि खेल की यह प्रेरणा हर जगह पहुंचे।

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सिमडेगा

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