#महुआडांड़ #लातेहार_अपराध : शादी समारोह के दौरान नाबालिग को अगवा कर जंगल में दुष्कर्म, तीन नाबालिग सहित पांच गिरफ्तार।
लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में 27 फरवरी 2026 की रात एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो बालिग अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है।
- 27 फरवरी 2026 की रात शादी समारोह से नाबालिग को जबरन उठाया गया।
- तीन नाबालिग सहित कुल 5 आरोपी गिरफ्तार।
- दो बालिग अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
- महुआडांड़ थाना कांड संख्या 07/26 के तहत मामला दर्ज।
- बीएनएस और पोक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज।
लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आई है। घटना 27 फरवरी 2026 की रात की बताई जा रही है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शादी समारोह से जबरन उठाकर ले गए
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के चिरोपाठ गांव में एक शादी समारोह आयोजित था। इसी दौरान लोध गांव के पांच युवक समारोह स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने मिलकर नाबालिग पीड़िता को जबरन उठाया और पास की पहाड़ी एवं जंगल की ओर ले गए।
वहां ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और पीड़िता की माता ने थाने में आवेदन दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि महुआडांड़ एसडीपीओ शिव पूजन बहेलिया और इंस्पेक्टर पीर मोहम्मद के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने त्वरित छापेमारी अभियान चलाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दो बालिग अभियुक्तों की पहचान 20 वर्षीय आसित तिर्की (पिता- निर्मल तिर्की) और 19 वर्षीय रेमिश तिर्की (पिता- हेमराम तिर्की) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
वहीं तीन नाबालिग आरोपियों को विधि के अनुसार बाल सुधार गृह भेजा गया है। सभी आरोपी लोध गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
पीड़िता की माता के आवेदन पर पुलिस ने महुआडांड़ थाना कांड संख्या 07/26 दर्ज किया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पांचों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है।
पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए लातेहार भेजा गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
क्षेत्र में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाएगी तथा कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
न्यूज़ देखो: कानून का सख्त संदेश जरूरी
महुआडांड़ की यह घटना समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। नाबालिगों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी और पारदर्शिता जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियों की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
समाज को जागरूक और संवेदनशील बनाना होगा।
ऐसे मामलों में चुप्पी नहीं, कानून का सहारा लें।
नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आइए, सुरक्षित समाज के लिए एकजुट हों।
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