
#गिरिडीह #दुर्घटना : मनकडीहा पंचायत के मंडरखा गांव में खेलते समय तालाब में डूबे दो मासूम, एक की मौत से गांव में मातम।
गुमला जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत मनकडीहा पंचायत के मंडरखा गांव में तालाब में डूबने से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों बच्चे घर के पास खेलते-खेलते तालाब तक पहुंच गए। ग्रामीणों की तत्परता के बावजूद एक मासूम को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है।
- मनकडीहा पंचायत के मंडरखा गांव में दर्दनाक हादसा।
- खेलते समय तालाब में डूबे दो मासूम बच्चे।
- राजू राणा के पुत्र की मौत, जितेंद्र राणा का पुत्र गंभीर।
- ग्रामीणों ने बच्चों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल।
- घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल।
बिरनी प्रखंड क्षेत्र के मनकडीहा पंचायत अंतर्गत ग्राम मंडरखा में शनिवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। गांव के पास स्थित तालाब में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों बच्चों की उम्र लगभग पांच वर्ष बताई जा रही है। घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते-खेलते तालाब तक पहुंच गए बच्चे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजू राणा और जितेंद्र राणा के पुत्र घर के आसपास खेल रहे थे। खेल-खेल में दोनों बच्चे पास ही स्थित तालाब के किनारे पहुंच गए। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह मासूम खेल एक बड़े हादसे में बदल जाएगा। कुछ ही देर बाद तालाब के पास हलचल देखकर ग्रामीणों का ध्यान उधर गया।
ग्रामीणों की सतर्कता, एक बच्चे को बचाने की कोशिश
जब ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे तो देखा कि एक बच्चा पानी में डूब रहा है। आनन-फानन में ग्रामीणों ने उसे तालाब से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उस समय किसी को यह जानकारी नहीं थी कि दूसरा बच्चा भी उसी तालाब में डूबा हुआ है। ग्रामीणों की प्राथमिकता तत्काल डूब रहे बच्चे को बचाने की थी।
मां की बेचैनी और दूसरी तलाश
इस बीच दूसरे बच्चे की मां ने जब अपने बेटे को आसपास नहीं देखा तो उसे ढूंढना शुरू किया। पूछताछ के दौरान किसी ग्रामीण ने बताया कि दोनों बच्चे एक साथ खेल रहे थे। यह सुनते ही लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और वे दोबारा तालाब की ओर दौड़े। कुछ ही देर बाद तालाब में दूसरे बच्चे का शव तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल दूसरे बच्चे को भी तालाब से बाहर निकाला और इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बच्चे की पहचान राजू राणा के पुत्र के रूप में की गई है। वहीं जितेंद्र राणा का पुत्र गंभीर अवस्था में इलाजरत है और उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस घटना के बाद मंडरखा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृत बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास स्थित तालाबों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।
तालाबों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के तालाबों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाया जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही की कीमत मासूम जान
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। छोटे बच्चों के लिए असुरक्षित खुले तालाब हर साल कई जिंदगियां निगल लेते हैं। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि समय रहते ऐसे स्थानों को सुरक्षित किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मासूमों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
हर बच्चे की जान अनमोल है। गांवों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा उपाय जरूरी हैं ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करें।






