ठेठईटांगर में कांग्रेस स्थापना दिवस पर झंडारोहण, आज़ादी के संघर्ष को किया गया नमन

ठेठईटांगर में कांग्रेस स्थापना दिवस पर झंडारोहण, आज़ादी के संघर्ष को किया गया नमन

author Satyam Kumar Keshri
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#ठेठईटांगर #कांग्रेसस्थापनादिवस : प्रखंड मुख्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम को किया स्मरण।

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड मुख्यालय में 28 दिसंबर को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झंडारोहण कर स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं को नमन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष अशफाक आलम ने किया। आयोजन के माध्यम से कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका और लोकतांत्रिक मूल्यों को दोहराया गया।

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  • 28 दिसंबर 1885 को कांग्रेस की स्थापना की ऐतिहासिक तिथि को किया गया स्मरण।
  • प्रखंड अध्यक्ष अशफाक आलम ने किया कांग्रेस ध्वज का झंडारोहण।
  • महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले स्वतंत्रता संग्राम को किया गया याद।
  • पंचायत प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी
  • कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष पर वक्ताओं ने रखे विचार।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर ठेठईटांगर प्रखंड मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन कर पार्टी के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय नेता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस की भूमिका और बलिदान को नमन किया।

प्रखंड अध्यक्ष अशफाक आलम ने कांग्रेस पार्टी का झंडा फहराते हुए कहा कि 28 दिसंबर 1885 को स्थापित कांग्रेस पार्टी ने गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत को आज़ादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान भारतीय जनता बर्बरतापूर्ण अत्याचारों से भयभीत थी और गुलामी का जीवन जीने को मजबूर थी, जिसे कांग्रेस के नेताओं ने स्वीकार नहीं किया।

स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस की भूमिका

अशफाक आलम ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने देशवासियों को संगठित कर आज़ादी का बिगुल फूंका। उन्होंने विशेष रूप से महात्मा गांधी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलते हुए कांग्रेस ने ब्रिटिश हुकूमत को घुटनों पर ला दिया।
उन्होंने कहा:

“महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा लड़ी गई लड़ाई न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के स्वाधीनता आंदोलनों में एक अलग पहचान रखती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में कांग्रेस की जिम्मेदारी और बढ़ गई है, क्योंकि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा करना समय की मांग है।

कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश देखने को मिला। स्थापना दिवस को लेकर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि आज़ादी की लड़ाई से निकली एक विचारधारा है, जिसे जीवित रखना हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है।

प्रमुख रूप से रहे उपस्थित

इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष सुनील जोजो, अनिल सुरीन, बीरबल बड़ाइक, कय्यूम आलम, मोहम्मद कारू, सरफराज आलम, मुकेश कुल्लू, वाल्टर लुगुन, हार्दूगण डुंगडुंग, राजा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर कांग्रेस की मजबूती और संगठन विस्तार पर जोर दिया।

न्यूज़ देखो: विचारधारा को जीवित रखने का संदेश

ठेठईटांगर में आयोजित यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि कांग्रेस आज भी अपने इतिहास और मूल्यों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे आयोजन संगठनात्मक एकजुटता और वैचारिक मजबूती का माध्यम बनते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में कांग्रेस जमीनी स्तर पर किस तरह अपनी पकड़ मजबूत करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प

स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संकल्प का अवसर है।
संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है।
आप कांग्रेस के इतिहास और वर्तमान पर क्या सोचते हैं, अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाएं।

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