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कुहासा और कड़ाके की ठंड से बरवाडीह में जनजीवन अस्त-व्यस्त, पूरे दिन छाया रहा घना कोहरा

#बरवाडीह #मौसम_प्रभाव : बढ़ती ठंड और घने कुहासे से जनजीवन प्रभावित, आवागमन और स्वास्थ्य पर असर।

बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को घना कुहासा और कड़ाके की ठंड पूरे दिन छाई रही। सुबह से ही दृश्यता बेहद कम होने के कारण आवागमन बाधित हुआ और लोग घरों में सिमटे रहे। ठंड का असर विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर देखा गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है।

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  • बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में पूरे दिन कुहासा।
  • दृश्यता कम होने से सड़क परिवहन प्रभावित।
  • बुजुर्ग, बच्चे और बीमार सबसे अधिक प्रभावित।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव का सहारा लेते दिखे लोग।
  • बाजारों में सन्नाटा, सामान्य गतिविधियां प्रभावित।

बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय और इसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह से ही घना कुहासा छाया रहा और कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। हालात ऐसे रहे कि दोपहर तक भी धुंध छंटने का नाम नहीं ले रही थी, जिससे सामान्य गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा।

सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ी। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए स्थिति काफी जोखिम भरी रही। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा था।

आवागमन पर गहरा असर

घने कुहासे के कारण बरवाडीह-कुटमू, बरवाडीह-बेतला और अन्य संपर्क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और दैनिक मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों ने छोटे बच्चों को ठंड और कोहरे के कारण स्कूल भेजने से परहेज किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय सड़क पर सामने से आने वाले वाहन तक नजर नहीं आ रहे थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। ऐसे में लोग अनावश्यक यात्रा से बचते नजर आए।

बाजार और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित

अत्यधिक ठंड और कुहासे का सीधा असर बाजारों पर भी दिखा। आम दिनों में जहां सुबह से ही चहल-पहल रहती है, वहीं शुक्रवार को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक बहुत कम संख्या में निकले, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ।

सब्जी विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों के लिए यह ठंड चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि ठंड के कारण ग्राहक देर से या बिल्कुल नहीं निकल रहे हैं। इससे उनकी दैनिक आय पर असर पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों में अलाव बना सहारा

ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और भी ज्यादा देखा गया। सुबह और शाम के समय लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। खासकर खेतों में काम करने वाले मजदूरों और बुजुर्गों के लिए ठंड बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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गरीब और असहाय परिवारों के लिए कड़ाके की ठंड चिंता का विषय बन गई है। कई लोगों ने बताया कि पर्याप्त गर्म कपड़ों के अभाव में बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाना मुश्किल हो रहा है।

स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि ठंड और कुहासे के कारण सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और बीमार होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।

स्वास्थ्य कर्मियों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है। सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर और बढ़ने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की जरूरत है।

प्रशासन से बढ़ी मांग

ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहत के उपाय नहीं किए गए, तो ठंड से जुड़ी बीमारियों और समस्याओं में इजाफा हो सकता है।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से गरीब और असहाय परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग उठाई है।

न्यूज़ देखो: ठंड ने उजागर की तैयारियों की जरूरत

बरवाडीह में कड़ाके की ठंड और घने कुहासे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ठंड से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियां कितनी पुख्ता हैं। जरूरतमंदों के लिए अलाव, कंबल और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अब प्राथमिकता बननी चाहिए। मौसम की मार के बीच जनहित के कदमों पर सबकी नजर है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सर्द मौसम में सजगता ही सबसे बड़ा बचाव

ठंड और कुहासे के इस दौर में सावधानी ही सुरक्षा है। खुद भी सुरक्षित रहें और आसपास के जरूरतमंदों की मदद करें।
आपके क्षेत्र में ठंड से निपटने के क्या इंतजाम हैं। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूकता फैलाएं।

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