
#सिमडेगा #ग्रामीण_विकास : विधायक भूषण बाड़ा के आगमन से जंगलों में बसे सूतराम गांव में उत्साह और उम्मीद जगी।
सिमडेगा जिले के घने जंगलों के बीच बसे सूतराम गांव में आजादी के बाद पहली बार किसी विधायक के पहुंचने से ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला। सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने मुड़िया पंचायत अंतर्गत इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उनके आगमन पर पूरा गांव उत्सव में तब्दील हो गया और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। यह दौरा वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया।
- आजादी के बाद पहली बार किसी विधायक ने सूतराम गांव का किया दौरा।
- विधायक भूषण बाड़ा ने घने जंगलों के बीच पहुंचकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद।
- ग्रामीणों ने बिजली और सड़क की समस्या प्रमुखता से रखी।
- विधायक ने गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया।
- जिप सदस्य जोसिमा खाखा समेत कई जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित।
- ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ हुआ जोरदार स्वागत।
सिमडेगा जिले के मुड़िया पंचायत अंतर्गत घने जंगलों के बीच बसे सूतराम गांव में उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब पहली बार किसी विधायक ने गांव में कदम रखा। जैसे ही विधायक भूषण बाड़ा गांव पहुंचे, पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह क्षण केवल एक दौरा नहीं, बल्कि पहचान और सम्मान का प्रतीक बन गया।
जंगलों के बीच बसे गांव में ऐतिहासिक आगमन
सुतराम गांव आजादी के बाद से अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए न पक्की सड़क है और न ही नियमित बिजली व्यवस्था। ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि का गांव तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी घटना रही।
विधायक भूषण बाड़ा के साथ जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और उत्साहपूर्ण नारों के साथ ग्रामीणों ने अपने जनप्रतिनिधियों का भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना था कि आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब किसी विधायक ने गांव में आकर उनकी बात सुनी है।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं को गंभीरता से सुना
गांव पहुंचते ही विधायक भूषण बाड़ा ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में बिजली और सड़क की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी परेशानियों की भी जानकारी विधायक को दी गई।
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
गरीब और असहाय लोगों को मिला सहारा
इस अवसर पर विधायक भूषण बाड़ा ने गांव के गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण भी किया। ठंड के मौसम में यह सहायता ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हुई। ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उन्हें यह भरोसा मिला है कि सरकार उनकी चिंता कर रही है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मौके पर उप प्रमुख सिलबेस्टर बघवार, प्रखंड उपाध्यक्ष अमृत डांग, पूर्व मुखिया मुक्ता तिर्की, प्रतिमा कुजूर, जिदन जोजो, सनातन लुगुन, दिनाकरन बुड़, जोलेन समद, सलीम जोजो, अरबिंद जोजो, सुगड़ लुगुन, स्नेहलता तिर्की, आश्रिता लुगुन, बहमनी समद, सुसारी जोजी सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
दूरस्थ गांवों तक विकास पहुंचाना प्राथमिकता : विधायक
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने स्पष्ट शब्दों में अपनी प्राथमिकताएं रखीं।
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा: “दूरस्थ और जंगलों के बीच बसे गांवों तक भी विकास की रोशनी पहुंचाना मेरी प्राथमिकता है। चाहे गांव जंगल के बीच हो या जिला मुख्यालय से दूर, हर गांव तक पहुंचना मेरा संकल्प है। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मैं लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहा हूं।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूतराम गांव की समस्याओं का समाधान जल्द कराया जाएगा और विकास कार्यों में कोई भेदभाव नहीं होगा।
सच्ची जनसेवा का प्रमाण है यह दौरा : जोसिमा खाखा
महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया और इस दौरे को सच्ची जनसेवा का उदाहरण बताया।
जोसिमा खाखा ने कहा: “सुतराम गांव में उमड़ा जनसैलाब यह दर्शाता है कि ग्रामीण बदलाव चाहते हैं। जंगलों के बीच बसे गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनना ही सच्ची जनसेवा है। यह गर्व की बात है कि विधायक भूषण बाड़ा हर गांव तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सड़क और बिजली केवल सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि ये शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। इन सुविधाओं के आने से गांव की महिलाओं और बच्चों का जीवन आसान होगा।
सामूहिक वनभोज के साथ आत्मीय संवाद
दौरे के दौरान विधायक भूषण बाड़ा ने ग्रामीणों के साथ सामूहिक वनभोज का भी आनंद लिया। यह क्षण जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों के बीच आत्मीयता और विश्वास को और मजबूत करने वाला रहा। ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया।
वर्षों की उपेक्षा के बाद जगी उम्मीद
सुतराम गांव के लोगों का कहना है कि वर्षों से वे बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज कहीं नहीं पहुंच पा रही थी। विधायक के इस दौरे से उन्हें उम्मीद जगी है कि अब उनके गांव की पहचान बदलेगी और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
न्यूज़ देखो: जंगलों तक पहुंची जनप्रतिनिधि की मौजूदगी
सुतराम गांव में विधायक भूषण बाड़ा का पहुंचना केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकेत है। जब जनप्रतिनिधि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचते हैं, तभी शासन का उद्देश्य पूरा होता है। यह दौरा प्रशासन और सरकार के लिए भी संदेश है कि दूरस्थ गांवों की उपेक्षा अब स्वीकार्य नहीं। आगे देखना होगा कि घोषणाएं जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं।
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उम्मीद की दस्तक, विकास की राह
जब जंगलों के बीच बसे गांवों में पहली बार जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं, तो वह केवल यात्रा नहीं होती, बल्कि विश्वास की नींव रखी जाती है। सूतराम गांव के लिए यह दौरा नई शुरुआत का संकेत है। यदि सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाएं यहां तक पहुंचती हैं, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बदल सकता है।
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