
#पलामू #वन_अपराध : गुप्त सूचना पर छापेमारी कर लकड़ी लदे दो ट्रैक्टर जब्त, दो ग्रामीणों पर एफआईआर।
पलामू जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत झाटी जंगल क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में जंगल से काटी गई लकड़ी से लदे दो ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने मामले में संबंधित ग्रामीणों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- मनातू वन विभाग की टीम ने झाटी जंगल में की छापेमारी।
- डुमरी पंचायत के ग्राम झाटी से लकड़ी लदे दो ट्रैक्टर जब्त।
- जटू सिंह और प्रमोद सिंह के खिलाफ वन अधिनियम के तहत एफआईआर।
- जब्त ट्रैक्टरों को मनातू वन परिसर में रखा गया।
- वन विभाग ने अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
पलामू जिले के मनातू प्रखंड क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। डुमरी पंचायत अंतर्गत ग्राम झाटी के जंगल में की गई इस कार्रवाई को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध रूप से जंगल की लकड़ी काटे जाने और ट्रैक्टर के माध्यम से परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं।
गुप्त सूचना पर त्वरित छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनातू वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि झाटी गांव के आसपास के जंगल से अवैध रूप से लकड़ी काटकर उसे ट्रैक्टर से बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने बिना देरी किए मौके पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जंगल क्षेत्र से निकलते समय दो ट्रैक्टर पकड़े गए, जिन पर भारी मात्रा में लकड़ी लदी हुई थी।
वन विभाग की टीम ने मौके पर ही दोनों ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें मनातू वन परिसर में खड़ा कराया।
दो ग्रामीणों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में झाटी गांव निवासी जटू सिंह और प्रमोद सिंह के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वन विभाग का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि लकड़ी अवैध रूप से जंगल से काटी गई थी और बिना अनुमति के उसका परिवहन किया जा रहा था।
वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड राजेश कुमार गुप्ता ने बताया:
“अवैध रूप से जंगल की लकड़ी काटना और उसका परिवहन करना कानूनन अपराध है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अवैध लकड़ी तस्करों में हड़कंप
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से झाटी जंगल और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटाई हो रही थी, लेकिन अब विभाग की सख्ती से ऐसे लोगों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
वन अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। भविष्य में भी किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग की अपील और आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध लकड़ी कटाई या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। विभाग का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से ही जंगलों की रक्षा संभव है।
वन अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई लकड़ी और ट्रैक्टरों के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जंगलों की सुरक्षा पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध लकड़ी कटाई न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि इससे जैव विविधता और स्थानीय जलवायु पर भी गंभीर असर पड़ता है। मनातू वन विभाग की यह कार्रवाई जंगलों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: अवैध कटाई पर सख्त संदेश
न्यूज़ देखो: मनातू के झाटी जंगल में की गई यह कार्रवाई बताती है कि वन विभाग अब अवैध लकड़ी तस्करी के मामलों में किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। दो ट्रैक्टरों की जब्ती और एफआईआर दर्ज होना तस्करों के लिए कड़ा संदेश है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे की जांच में और कौन-कौन लोग इस नेटवर्क से जुड़े पाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जंगल बचेंगे तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा
जंगल हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं और उनकी रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
अवैध कटाई पर चुप्पी भविष्य के लिए खतरा बन सकती है।
अगर आपके आसपास भी जंगलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तो आवाज उठाएं।
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