खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में सिमडेगा से “अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच” का औपचारिक गठन

खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में सिमडेगा से “अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच” का औपचारिक गठन

author Satyam Kumar Keshri
1 Views
#सिमडेगा #खरसवांगोलीकांड #आदिवासीअधिकार : पुण्य स्मृति दिवस पर युवाओं ने संगठन की घोषणा कर आदिवासी हक़–सम्मान की लड़ाई को दी नई दिशा।

आज 1 जनवरी 2026 को खरसवां गोलीकांड में शहीद हुए आदिवासियों के पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के युवाओं द्वारा “अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच” के औपचारिक गठन की घोषणा की गई। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम, सिमडेगा में आयोजित बैठक में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मंच ने अपने उद्देश्य, विचार और संघर्ष की दिशा को सार्वजनिक किया।

Join WhatsApp
  • खरसवां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ मंच की घोषणा
  • अल्बर्ट एक्का स्टेडियम, सिमडेगा में बैठक आयोजित
  • जल–जंगल–जमीन, पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून पर फोकस
  • आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की सर्वोच्चता का संकल्प
  • युवाओं को संगठित कर आदिवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन

सिमडेगा जिले की धरती से आज आदिवासी इतिहास और संघर्ष को नई ऊर्जा देने की पहल की गई। खरसवां गोलीकांड, जिसे आज़ाद भारत के इतिहास का एक अमिट और पीड़ादायक अध्याय माना जाता है, की पुण्य स्मृति दिवस पर युवाओं ने “अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच” के गठन की घोषणा कर यह स्पष्ट किया कि शहीदों का बलिदान केवल स्मृति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह संघर्ष की चेतना बनेगा।

खरसवां गोलीकांड: अधूरे न्याय की याद

मंच के वक्ताओं ने कहा कि खरसवां गोलीकांड केवल एक घटना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वशासन और संवैधानिक अधिकारों पर किया गया संगठित हमला था। शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे आदिवासियों पर गोलियां चलाना आज भी एक ऐसा घाव है, जिसे न तो पूरी तरह स्वीकार किया गया और न ही शहीदों को वास्तविक न्याय और सम्मान मिल सका।

युवाओं की वैचारिक और सामूहिक पहल

अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच को सिमडेगा के युवाओं की एक स्वतंत्र, सामूहिक और वैचारिक पहल बताया गया। मंच ने स्पष्ट किया कि वह आदिवासी इतिहास को केवल स्मरण दिवसों तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि वर्तमान संघर्षों से जोड़कर एक सशक्त जनआंदोलन का रूप देगा। मंच का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और स्वशासन की मजबूती है।

जल–जंगल–जमीन और संवैधानिक अधिकार

मंच ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। साथ ही पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामसभा की सर्वोच्चता और आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों का सही पालन ही आदिवासी समाज को उसका वास्तविक अधिकार दिला सकता है।

विस्थापन और कॉर्पोरेट हस्तक्षेप के खिलाफ संघर्ष

अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच ने सिमडेगा सहित पूरे झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में बढ़ते विस्थापन, खनन, कॉर्पोरेट हस्तक्षेप, शराब–जुआ, सांस्कृतिक दमन और आदिवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ युवाओं को संगठित करने की बात कही। मंच ने स्पष्ट किया कि यह किसी भी राजनीतिक दल का अनुषंगी नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के हक़, सम्मान और भविष्य के लिए समर्पित एक आंदोलनात्मक मंच है।

संयोजक मंडली का गठन

बैठक के अंत में मंच की संयोजक मंडली का गठन किया गया, जिसमें
अजय एक्का, आनंद बड़ाईक, विकास कांडुलना, विपिन डुंगडुंग, असिशन बिलुंग, रेजिना टोप्पो, पंकज टोप्पो, मशकलन जोजो सहित अन्य युवा शामिल हैं। सभी ने मिलकर आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

सिमडेगा की धरती से स्पष्ट संदेश

मंच ने अपने वक्तव्य में कहा कि आदिवासी समाज अब अपने इतिहास, शहीदों के बलिदान और संवैधानिक अधिकारों को भुलाने वाला नहीं है। खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति को संघर्ष की चेतना में बदलते हुए अनुसूचित क्षेत्र युवा मंच न्यायपूर्ण, स्वशासित और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण के लिए लगातार आगे बढ़ेगा।

न्यूज़ देखो: शहादत से संघर्ष तक

खरसवां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में गठित यह मंच बताता है कि आदिवासी युवाओं में अपने अधिकारों को लेकर नई चेतना जाग रही है। सिमडेगा से उठी यह आवाज़ आने वाले समय में आदिवासी आंदोलन को नई दिशा दे सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शहीदों की स्मृति, संघर्ष की प्रेरणा

इतिहास को भूलना सबसे बड़ा अन्याय है।
संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा ही सम्मानजनक भविष्य की कुंजी है।
युवाओं की एकजुटता से ही बदलाव संभव है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

🔔

Notification Preferences

error: