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रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो फिर मेयर चुनाव की तैयारी में, कांग्रेस नेतृत्व से मांगी अनुमति

#रांची #नगरनिकायचुनाव : पूर्व मेयर रमा खलखो ने कांग्रेस अध्यक्ष को आवेदन देकर मेयर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई।

रांची नगर निगम के आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को आवेदन देकर मेयर पद का चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी है। नगर निकाय चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं होने हों, लेकिन राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। रमा खलखो का कहना है कि उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को देखते हुए जनता एक बार फिर उन्हें मेयर के रूप में देखना चाहती है।

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  • पूर्व मेयर रमा खलखो ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को सौंपा आवेदन।
  • नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय होने के बावजूद कांग्रेस में रणनीतिक मंथन तेज।
  • आवेदन के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और प्रदेश मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी रहे मौजूद।
  • वर्ष 2008 में निर्वाचित मेयर रह चुकी हैं रमा खलखो।
  • वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर हैं रमा खलखो।

झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती जा रही हैं। भले ही यह चुनाव औपचारिक रूप से गैर-दलीय आधार पर कराया जाना है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने प्रभावशाली चेहरों को आगे लाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसी क्रम में रांची नगर निगम की पूर्व मेयर रमा खलखो ने एक बार फिर मेयर पद की दावेदारी पेश करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से अनुमति मांगी है। इस कदम से रांची की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा विधिवत आवेदन

पूर्व मेयर रमा खलखो ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को औपचारिक आवेदन सौंपते हुए रांची मेयर पद का चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी है। आवेदन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और प्रदेश मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी भी उपस्थित रहे। इस मुलाकात को कांग्रेस के भीतर नगर निकाय चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

गैर-दलीय चुनाव, फिर भी राजनीतिक सक्रियता तेज

नगर निकाय चुनाव भले ही गैर-दलीय आधार पर कराए जाते हों, लेकिन हकीकत यह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने समर्थित प्रत्याशियों को जिताने के लिए पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस भी इस चुनाव को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। रमा खलखो जैसी अनुभवी नेता की दावेदारी को पार्टी के लिए एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।

2008 में मेयर रह चुकी हैं रमा खलखो

रमा खलखो वर्ष 2008 में रांची नगर निगम की मेयर चुनी गई थीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई पहल की थी। उनके समर्थकों का कहना है कि उस दौर में रांची शहर में बुनियादी ढांचे और नगर निगम की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले थे।

जनता की मांग पर दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को आवेदन देने के बाद रमा खलखो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह फैसला उन्होंने जनता की मांग को देखते हुए लिया है।

रमा खलखो ने कहा: “रांची की जनता ने मेरे मेयर कार्यकाल को देखा है। उस समय शहर में विकास की रफ्तार थी। बीते करीब दस वर्षों में रांची का विकास ठहर सा गया है और जनता अब फिर से शहर को आगे बढ़ते देखना चाहती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों से लगातार यह आग्रह मिल रहा है कि वे एक बार फिर मेयर पद का चुनाव लड़ें और रांची के विकास को नई दिशा दें।

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महिला नेतृत्व के रूप में मजबूत पहचान

वर्तमान में रमा खलखो प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रही हैं। महिला नेतृत्व के तौर पर उनकी पहचान मजबूत मानी जाती है। पार्टी के भीतर भी उन्हें एक अनुभवी, संगठननिष्ठ और जमीनी नेता के रूप में देखा जाता है, जिनका शहरी मतदाताओं के बीच अच्छा प्रभाव रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व के लिए अहम फैसला

अब निगाहें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर टिकी हैं। यदि कांग्रेस रमा खलखो को समर्थन देती है, तो यह रांची मेयर चुनाव को बेहद रोचक बना सकता है। उनके अनुभव और पूर्व कार्यकाल को देखते हुए मुकाबला कड़ा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

न्यूज़ देखो: रांची की राजनीति में पुराना चेहरा, नई रणनीति

रमा खलखो की दावेदारी यह संकेत देती है कि कांग्रेस नगर निकाय चुनाव को भी रणनीतिक रूप से लड़ना चाहती है। एक अनुभवी पूर्व मेयर को आगे करना पार्टी के लिए शहरी मतदाताओं को साधने का प्रयास हो सकता है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस दावेदारी को हरी झंडी देता है या कोई और विकल्प तलाशता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

रांची का विकास या बदलाव—फैसला जनता के हाथ में

नगर निकाय चुनाव रांची के भविष्य की दिशा तय करेंगे। यह चुनाव सिर्फ पद का नहीं, बल्कि शहर के विकास मॉडल का भी है। क्या पुराने अनुभव को एक और मौका मिलेगा या जनता नए चेहरे को चुनेगी? अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और लोकतांत्रिक चर्चा का हिस्सा बनें—क्योंकि शहर आपका है, फैसला भी आपका।

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Braj Snehi

रांची

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