
#कोलेबिरा #सहकारी_विकास : लैंपस लिमिटेड को सशक्त बनाने हेतु आधुनिक गोदाम निर्माण से किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की पहल
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत आधुनिक गोदाम निर्माण की महत्वपूर्ण पहल की गई। नवाटोली एवं डोमटोली पंचायत में लैंपस लिमिटेड को सशक्त करने के उद्देश्य से गोदाम निर्माण का शिलान्यास विधायक नमन विक्सल कोनगाडी द्वारा किया गया, जिससे किसानों को उपज का बेहतर भंडारण और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
- नवाटोली पंचायत में 100 मीट्रिक टन क्षमता का आधुनिक गोदाम निर्माण शुरू।
- डोमटोली पंचायत में 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का शिलान्यास।
- शिलान्यास किया विधायक नमन विक्सल कोनगाडी ने।
- परियोजना पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ICDP योजना के तहत।
- किसानों को धान, उरद, मड़ुआ सहित उपज का उचित मूल्य दिलाने पर जोर।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत नवाटोली एवं डोमटोली पंचायत में आज ग्रामीण विकास और कृषि सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समेकित सहकारी विकास परियोजना (ICDP) के तहत लैंपस लिमिटेड को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आधुनिक गोदामों के निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर कोलेबिरा के लोकप्रिय विधायक श्री नमन विक्सल कोनगाडी ने कार्यक्रम में शामिल होकर शिलान्यास किया और ग्रामीणों को संबोधित किया।
किसानों के हित में भंडारण व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
परियोजना के अंतर्गत डोमटोली पंचायत में 500 मीट्रिक टन क्षमता तथा नवाटोली पंचायत में 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इन गोदामों के निर्माण से स्थानीय किसानों को अपनी कृषि उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें बाजार में जल्दबाजी में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण की कमी लंबे समय से किसानों के सामने एक बड़ी समस्या रही है, जिसके कारण उन्हें औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती थी। अब इस नई पहल से सहकारी तंत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
विधायक ने ग्रामीणों को किया संबोधित
कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री नमन विक्सल कोनगाडी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इन आधुनिक गोदामों का मुख्य उद्देश्य किसानों की उपज को सही तरीके से संग्रहित करना और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
उन्होंने कहा कि धान, उरद, मड़ुआ तथा अन्य फसलों को अब किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर बाजार में बेचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
“इन गोदामों के निर्माण से किसान अपनी उपज को लैंपस के माध्यम से बेच सकेंगे और उन्हें उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।”
लैंपस लिमिटेड को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम
समेकित सहकारी विकास परियोजना (ICDP) के तहत यह पहल लैंपस लिमिटेड को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों की उपज की खरीद, भंडारण और विपणन की व्यवस्था बेहतर होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भंडारण की समुचित व्यवस्था होती है, तब किसान बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हुए बिना सही समय पर अपनी फसल बेच सकते हैं, जिससे उन्हें बेहतर लाभ प्राप्त होता है।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह और सहभागिता
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे और इस पहल का स्वागत किया।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि गोदाम निर्माण से कृषि उत्पादों के संरक्षण में आसानी होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।
स्थानीय किसानों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी होती दिख रही है।
कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कोलेबिरा सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, कोलेबिरा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष राकेश कोनगाडी, युवा विधानसभा अध्यक्ष अमृत डुंगडुंग, अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष तजमुल अहमद, प्रखंड महासचिव जोगेंद्र मांझी, कोलेबिरा पंचायत अध्यक्ष कुलदीप सोरेंग सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास और किसानों के हित में एक दूरदर्शी कदम बताया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
आधुनिक गोदामों के निर्माण से न केवल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से स्थानीय बाजार व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इससे कृषि उत्पादों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता आधारित विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

न्यूज़ देखो: सहकारिता मॉडल से बदलेगी ग्रामीण कृषि व्यवस्था
कोलेबिरा में आधुनिक गोदाम निर्माण की यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से भंडारण और विपणन की व्यवस्था मजबूत होने से किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह परियोजना ग्रामीण विकास के लिए एक दीर्घकालिक आधार तैयार कर रही है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसानों की समृद्धि से ही मजबूत होगा गांव और देश
भंडारण सुविधा किसानों के भविष्य की सुरक्षा है।
सही मूल्य और सही समय पर बिक्री से किसान आत्मनिर्भर बनते हैं।
ऐसी विकास योजनाओं में जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
ग्रामीण विकास की हर पहल को समझें और उसका लाभ उठाएं।
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