Simdega

कोलेबिरा में संस्थापक शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया, जरूरतमंदों को मिला सहारा

#कोलेबिरा #जन्मदिवस_समारोह : झामुमो कार्यकर्ताओं ने बाबा को नमन कर कंबल वितरण से दी सामाजिक संदेश।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा में झारखंड राज्य के संस्थापक स्वर्गीय बाबा गुरु शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन श्रद्धा और सामाजिक सेवा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया। आयोजन ने सामाजिक सरोकार और बाबा के विचारों को जीवंत करने का संदेश दिया।

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  • कोलेबिरा में बाबा गुरु शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन मनाया गया।
  • झारखंड राज्य के संस्थापक एवं निर्माता के रूप में बाबा को किया गया नमन।
  • कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण
  • आयोजन में झामुमो के केंद्रीय, जिला और प्रखंड स्तर के नेता शामिल।
  • श्रद्धा, स्मरण और सामाजिक सेवा का संयुक्त संदेश

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में झारखंड आंदोलन के पुरोधा और राज्य के संस्थापक स्वर्गीय बाबा गुरु शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन पूरे सम्मान, श्रद्धा और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा के संघर्ष, विचार और योगदान को याद किया। कार्यक्रम केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर सेवा भाव को भी आगे बढ़ाया गया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

श्रद्धा के साथ बाबा को किया गया याद

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा के जीवन संघर्ष, आदिवासी और मूलवासी अधिकारों के लिए किए गए आंदोलनों तथा झारखंड राज्य निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा केवल एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रतीक रहे हैं। उनके विचार आज भी झारखंड की राजनीति और समाज को दिशा देने का काम करते हैं।

सेवा के माध्यम से जन्मदिन का संदेश

बाबा गुरु शिबू सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे सेवा से जोड़ा गया। बढ़ती ठंड को देखते हुए जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया। आयोजकों का मानना था कि बाबा के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और संतोष देखने को मिला।

झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी

इस कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से झामुमो केंद्रीय सदस्य फिरोज अली, कोलेबिरा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे, प्रखंड सचिव बिरीश डुंगडुंग, जिला संगठन सचिव वकील खान, जिला महिला उपाध्यक्ष फूलकुमारी समद, सुनीता नायक, मनोहर साहू, अशोक ठाकुर, हितेश जी, रघु साव, सरवन जी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया और बाबा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

बाबा के विचार और आज का संदर्भ

बाबा गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सादगी और जनता से जुड़ाव का प्रतीक रहा है। उन्होंने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। कोलेबिरा में आयोजित यह कार्यक्रम उनके उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है। वर्तमान समय में जब सामाजिक असमानता और आर्थिक चुनौतियां सामने हैं, ऐसे आयोजनों के माध्यम से सेवा और एकजुटता का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है।

स्थानीय स्तर पर सकारात्मक माहौल

जन्मदिन समारोह को लेकर कोलेबिरा क्षेत्र में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि बाबा के नाम पर होने वाले ऐसे कार्यक्रम न केवल स्मरण का अवसर देते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी काम करते हैं। जरूरतमंदों को मिली सहायता ने यह विश्वास मजबूत किया कि राजनीतिक आयोजन भी सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

भविष्य के लिए प्रेरणा

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प भी लिया कि बाबा गुरु शिबू सोरेन के दिखाए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक न्याय, अधिकार और सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। जन्मदिन का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वे बाबा के संघर्ष और मूल्यों को समझ सकें।

न्यूज़ देखो: स्मरण से आगे, सेवा की सच्ची राजनीति

कोलेबिरा में बाबा गुरु शिबू सोरेन का जन्मदिन जिस तरह श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया, वह राजनीति के सामाजिक पक्ष को उजागर करता है। कंबल वितरण जैसे कार्य यह बताते हैं कि विचारों को कर्म से जोड़ना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। ऐसे आयोजन समाज में भरोसा और एकजुटता को मजबूत करते हैं। अब चुनौती यह है कि यह भावना केवल एक दिन नहीं, बल्कि पूरे वर्ष बनी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सेवा और स्मरण से ही जीवित रहते हैं विचार

जब किसी महान व्यक्तित्व को सेवा के माध्यम से याद किया जाता है, तो उसका प्रभाव गहरा होता है।
बाबा गुरु शिबू सोरेन का जीवन हमें संघर्ष के साथ संवेदनशीलता भी सिखाता है।
समाज के कमजोर वर्ग के लिए खड़ा होना ही उनके विचारों का सार है।
ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

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Birendra Tiwari

सिमडेगा

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