#रायडीह #पंचायत_प्रशिक्षण : प्रखंड सभागार में पंचायत सहायकों को प्रशासनिक व डिजिटल कार्यों का प्रशिक्षण।
रायडीह प्रखंड में पंचायत सहायकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह प्रशिक्षण 23 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक प्रखंड सभागार, रायडीह में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा किया गया है। प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।
- रायडीह प्रखंड सभागार में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।
- 23 से 26 फरवरी 2026 तक चलेगा प्रशिक्षण।
- पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजन।
- सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन पोर्टल और अभिलेख संधारण पर प्रशिक्षण।
- वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर विशेष जोर।
- विभिन्न पंचायतों से पंचायत सहायक हुए शामिल।
झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा रायडीह प्रखंड में पंचायत सहायकों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण 23 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक प्रखंड सभागार, रायडीह में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में रायडीह प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आए पंचायत सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
पंचायत स्तर पर दक्षता बढ़ाने की पहल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत सहायकों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में अभिलेख संधारण, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, योजनाओं की रिपोर्टिंग प्रणाली और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पंचायत सहायकों की भूमिका योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में बेहद अहम होती है।
व्यवहारिक जानकारी पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा पंचायत सहायकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में योजनाओं का सही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। प्रशिक्षकों ने पंचायत स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा की, जिससे पंचायत सहायकों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिले।
प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता का लक्ष्य
प्रखंड प्रशासन ने जानकारी दी कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित पंचायत सहायक गांवों में विकास की गति को तेज करेंगे।
प्रशिक्षण में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर निकोलस सुरीन, चुंया कुजूर, मार्था एक्का, किरण बिलुंग, तबीता तिर्की, कांता एक्का, पंचायत सचिव दिगंबर ओहदार, आराधना कुमारी, पंचायत सहायक सतीश कुमार, संजय मिंज, मो. वारिस, सुमित प्रसाद, जीतु बड़ाईक सहित अन्य पंचायत सहायक व पदाधिकारी उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो: मजबूत पंचायत, मजबूत व्यवस्था
रायडीह में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक मजबूती की दिशा में अहम कदम है। योजनाओं का सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब जमीनी स्तर के कर्मचारी प्रशिक्षित और जागरूक हों। अब देखना होगा कि यह प्रशिक्षण पंचायतों के कार्यों में कितना सकारात्मक बदलाव लाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रशिक्षण से बदलेगी पंचायत की तस्वीर
पंचायत सहायक गांव और सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं।
सही प्रशिक्षण से योजनाएं कागज से निकलकर जमीन पर उतरती हैं।
पारदर्शिता और दक्षता से ही ग्रामीण विकास को गति मिलती है।
आप भी अपनी पंचायत की गतिविधियों पर नजर रखें और जागरूक बनें।
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