
#गिरिडीह #गाण्डेय #पंचायत_प्रशिक्षण : प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा।
गाण्डेय प्रखंड में पंचायत सहायक, मुखिया और पंचायत सचिवों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रशासन को सशक्त, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण में रजिस्टर संधारण, योजनाओं के क्रियान्वयन और ऑनलाइन कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्रतिनिधियों से योजनाओं का प्रभावी संचालन और लाभुकों तक समय पर जानकारी पहुंचाने की अपील की।
- गाण्डेय में चार दिवसीय पंचायत प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न।
- बीडीओ ने प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता पर दिया जोर।
- पंचायत रजिस्टर, रिकॉर्ड और सेवाओं के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया समझाई गई।
- स्थायी समितियों के साथ नियमित बैठक और कार्यवृत्त अनुपालन पर चर्चा।
- प्रशिक्षण में संतोष कुमार कुशवाहा, रागिनी सिन्हा, किरण कुमारी, गुलजार खान, धनमेंदर कुमार सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित।
गाण्डेय प्रखंड में पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायत सहायक, मुखिया एवं पंचायत सचिवों ने इस प्रशिक्षण में भाग लेकर प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन सोमवार को हुआ, जहां प्रतिनिधियों ने इसे उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर जोर
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि पंचायत सहायक और अन्य प्रतिनिधि पंचायत का पूर्ण सहयोग प्राप्त कर प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लाभुकों तक समय पर सूचना पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
बीडीओ ने कहा: “पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर ही विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाया जा सकता है।”
उन्होंने प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएं और योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
डिजिटल कार्यप्रणाली की जानकारी
प्रशिक्षण में पंचायत के रजिस्टर, रिकॉर्ड और सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रतिनिधियों को बताया गया कि किस प्रकार ऑनलाइन माध्यम से कार्य संचालन किया जा सकता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है।
इसके अलावा पंचायत की स्थायी समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित बैठकें आयोजित करने और कार्यवृत्त के निर्णयों का पालन सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
मास्टर ट्रेनरों की भागीदारी
कार्यक्रम में प्रशिक्षक संतोष कुमार कुशवाहा, पेशम पंचायत की मुखिया सह मास्टर ट्रेनर श्रीमती रागिनी सिन्हा, खुदीसार पंचायत की मुखिया श्रीमती किरण कुमारी, गुलजार खान और धनमेंदर कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पेशम मुखिया श्रीमती रागिनी सिन्हा ने कहा कि गाण्डेय प्रखंड विकास पदाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें गर्व और प्रेरणा का अनुभव हुआ।
रागिनी सिन्हा ने कहा: “जनहित के प्रति बीडीओ का समर्पण सराहनीय है। उनके मार्गदर्शन से पंचायत व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।”
प्रतिनिधियों ने बताया उपयोगी
समापन अवसर पर प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें प्रशासनिक प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। उनका मानना है कि इससे पंचायत स्तर पर कार्यकुशलता में सुधार होगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
न्यूज़ देखो: मजबूत पंचायत, मजबूत विकास
गाण्डेय प्रखंड का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दर्शाता है कि पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण कितना जरूरी है। जब प्रतिनिधि तकनीकी और प्रशासनिक रूप से सक्षम होंगे, तभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ती हैं, जो ग्रामीण विकास की आधारशिला है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सशक्त पंचायत से ही सशक्त गांव
गांवों का विकास मजबूत पंचायत व्यवस्था से ही संभव है।
प्रशिक्षण और जागरूकता से प्रतिनिधि अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य कर सकते हैं।
आप भी अपने पंचायत स्तर पर योजनाओं की जानकारी रखें और सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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सशक्त पंचायत, समृद्ध समाज की पहचान है।


