गढ़वा और पलामू में भाजपा की मजबूत बढ़त का अनुमान, INDIA गठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति

एनडीए की मजबूत बढ़त, INDIA गठबंधन को कई सीटों पर चुनौती

झारखंड में 2024 के विधानसभा चुनावों को लेकर किए गए मैटराइज सर्वे के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आजसू के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन बढ़त में नजर आ रहा है। सर्वेक्षण के मुताबिक, एनडीए 81 सीटों वाले इस राज्य में 45-50 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 41 सीटों की सीमा को पार करता है। वहीं, सत्ताधारी INDIA गठबंधन, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राजद शामिल हैं, 18-25 सीटों पर सिमटता दिख रहा है।

गढ़वा और पलामू: भाजपा के प्रभाव का केंद्र

गढ़वा और पलामू जिलों में प्रमुख सीटों जैसे गढ़वा, भवनाथपुर, बिश्रामपुर, डाल्टनगंज, और पांकी में भाजपा की स्थिति मजबूत है। इन क्षेत्रों में पार्टी ने विकास और रोजगार को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है।

मैटराइज सर्वे का चित्रण

भाजपा की चुनावी रणनीति और सीट बंटवारा

एनडीए ने इस बार सीट बंटवारे को बेहद सोच-समझकर अंजाम दिया है। भाजपा ने राज्य में 68 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि उसके सहयोगी आजसू को 10, जद (यू) को 2, और लोजपा को 1 सीट मिली है। इस गठबंधन का उद्देश्य बहुमत को बनाए रखना है, जो 2019 के चुनावों के बाद से चुनौती बना हुआ था। इस बार भाजपा ने बांग्लादेशी घुसपैठ, समान नागरिक संहिता (UCC), और आदिवासी मुद्दों पर जोर देकर हिंदू वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश की है। इससे भाजपा को इस समुदाय का समर्थन प्राप्त होने की उम्मीद है।

INDIA गठबंधन की स्थिति

हालांकि एनडीए के लिए मैटराइज सर्वे में अच्छी स्थिति बताई जा रही है, लेकिन कुछ सीटों पर INDIA गठबंधन को भी बढ़त मिलने की संभावना है।

50/50 की स्थिति वाली सीटें

कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पर एनडीए और INDIA गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर है। ये सीटें चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं और दोनों पक्षों की जीत की संभावनाएं बराबर बनी हुई हैं। इनमें से प्रमुख सीटें इस प्रकार हैं:

इन सीटों पर चुनावी संघर्ष का परिणाम निर्णायक होगा। यह उन क्षेत्रों में से हैं जहां स्थानीय मुद्दों पर जनता का वोट निर्णायक साबित हो सकता है।

झारखंड के अन्य प्रमुख सीटों का संक्षिप्त विवरण

झारखंड के कई अन्य सीटों पर भी दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है।

पूर्वी सिंहभूम और रांची जैसे शहरी क्षेत्रों में भाजपा ने जनसंख्या संतुलन और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर जोर दिया है। इन सीटों पर भाजपा का अभियान प्रभावी साबित हो रहा है।

चतरा और कोडरमा में भाजपा और कांग्रेस का मुकाबला है, जहां ग्रामीण विकास और जल संकट जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।

देवघर और दुमका में JMM का प्रभाव देखने को मिल सकता है, खासकर आदिवासी समुदाय के बीच, जहां पार्टी का एक मजबूत जनाधार है।

यह लेख Moneycontrol और मैटराइज सर्वे की रिपोर्ट पर आधारित है।

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