
#गढ़वा #रुद्र_महायज्ञ : नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
गढ़वा जिला मुख्यालय से सटे ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में आयोजित होने वाले विराट श्री रुद्र महायज्ञ के निमित्त रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और जयकारों के साथ इस धार्मिक यात्रा में भाग लिया। शाम 6 बजे कथा मंडप का उद्घाटन झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर करेंगे।
- जोबरईया बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा।
- हजारों श्रद्धालुओं ने “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ जल यात्रा में लिया भाग।
- दानरो नदी छठ घाट से कलश में जल भरकर मंदिर तक लाई गई जलधारा।
- कार्यक्रम में आचार्य आशीष वैद्य जी महाराज और कथाव्यास पंकज शांडील्य जी रहे उपस्थित।
- शाम 6 बजे पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर करेंगे श्रीराम कथा अमृतवर्षा का उद्घाटन।
गढ़वा जिला मुख्यालय से सटे ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में आयोजित होने वाले विराट श्री रुद्र महायज्ञ के निमित्त रविवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर में भगवान नीलकंठ महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज के पावन सानिध्य में कलश यात्रा की शुरुआत हुई। इस अवसर पर अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास पंकज शांडील्य जी तथा काशी से आए यज्ञाचार्य भी उपस्थित रहे।
गाजे-बाजे और जयकारों के बीच निकली भव्य यात्रा
मंदिर परिसर से शुरू हुई यह भव्य जल यात्रा गढ़वा–मझिआंव मुख्य मार्ग होते हुए पुरानी बाजार गढ़वा स्थित दानरो नदी छठ घाट तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्तजन सिर पर कलश लेकर “बाबा भोलेनाथ”, “नीलकंठ महादेव” और “हर हर महादेव” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
रास्ते भर गाजे-बाजे और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की लंबी कतार और धार्मिक उत्साह ने पूरे इलाके को आध्यात्मिक माहौल से भर दिया।
फूलों से सजी गाड़ी में संत और अतिथि
जल यात्रा के दौरान फूलों से सजी खुली गाड़ी में आचार्य आशीष वैद्य जी महाराज, महायज्ञ आयोजन समिति के प्रधान संयोजक राकेश पाल, गढ़वा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशीष सोनी तथा गढ़देवी मंदिर निर्माण समिति के विनोद जायसवाल श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते रहे।
इस अवसर पर मानस मंडली इकाई गढ़वा के जिला संयोजक द्वारकानाथ पांडेय, प्रधान यजमान एवं जागृति युवा क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, सहायक यजमान विवेकानंद पाल, रमेश अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, रंजीत कुमार, सुरेंद्र कुशवाहा, सीताराम पाल, सत्येंद्र पाल, बिहारी पाल समेत हजारों श्रद्धालुओं ने जल यात्रा में भाग लिया।
दानरो नदी से भरा गया कलश जल
दानरो नदी छठ घाट पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने बनाए गए जलकुंड में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद आचार्य और आयोजन समिति के सदस्यों के सहयोग से सभी श्रद्धालुओं ने अपने कलश में पवित्र जल भरा और मंदिर परिसर की ओर प्रस्थान किया।
चिलचिलाती धूप को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति द्वारा पूरे मार्ग में टैंकर से पानी का छिड़काव कराया गया था, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
महाभंडारे का भी हुआ आयोजन
मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के लिए भव्य महाभंडारे का आयोजन किया गया। हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में जागृति युवा क्लब के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्लब के अध्यक्ष सत्येंद्र पाल, सचिव विनय पाल, संगठन मंत्री चंदन पाल, उदय पाल, हरि पाल, बिहारी पाल, आनंद कुमार चंद्रवंशी, रोहित कुमार चंद्रवंशी, युवराज साहू, अभिमन्यु साहू, अरविंद कुमार राजू सहित अन्य सदस्यों ने यातायात नियंत्रण, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।
शाम 6 बजे होगा श्रीराम कथा का शुभारंभ
श्री रुद्र महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने सभी श्रद्धालुओं से शाम 6 बजे आयोजित होने वाले श्रीराम कथा अमृतवर्षा कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया है। इस अवसर पर कथा मंडप का उद्घाटन झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के कर कमलों द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश देगा तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इसमें शामिल होकर कथा का लाभ लेना चाहिए।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
गढ़वा जिले में आयोजित होने वाला यह विराट श्री रुद्र महायज्ञ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बनकर सामने आ रहा है। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि ऐसे आयोजन समाज में आस्था, सहयोग और सामूहिकता की भावना को मजबूत करते हैं।
आस्था से जुड़ते हैं समाज के धागे
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। जब हजारों लोग एक साथ आस्था के साथ किसी आयोजन में भाग लेते हैं तो यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देता है।
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