गढ़वा के सतबहिनी झरना तीर्थ में चैती छठ महाव्रत का भव्य आयोजन, उपायुक्त ने भी दिया अर्घ्य

#गढ़वा – लोक आस्था के महापर्व पर छठ व्रतियों का भव्य जमावड़ा:

गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल पर लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में व्रतधारी श्रद्धालुओं ने महाव्रत का सामूहिक अनुष्ठान किया। गुरुवार की संध्या सभी व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया

इस दौरान जिलाधिकारी शेखर जमुआर स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने भी भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर जिला वासियों के सुख, समृद्धि और अमन की कामना की।

परंपरागत विधि से हुआ अर्घ्य प्रदान

श्रद्धालु व्रतियों ने अगरौटा, अक्षत, धूप, दीप, पुष्प और फलों से सजे सूपों के साथ भगवान भास्कर की पूजा की। सप्तसुपारी और मंत्रोच्चारण के साथ पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा करवाई गई। सभी श्रद्धालु ‘एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते…’ मंत्र के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते नजर आए

स्थल निरीक्षण और विकास को लेकर चर्चा

मौके पर मौजूद विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, जो स्वयं मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने उपायुक्त के साथ छठ घाट, मेला मैदान, नौ मंदिरों आदि का भ्रमण किया। उन्होंने पर्यटन स्थल के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उपायुक्त से बात की।

“यह स्थल अत्यंत रमणीक है, इसके विकास की दिशा में हम पूरी तत्परता से कार्य करेंगे,”
शेखर जमुआर, उपायुक्त, गढ़वा

ज्ञात हो कि विधायक श्री सिंह ने झारखंड विधानसभा सत्र में भी सतबहिनी स्थल को अपग्रेड करने की मांग उठाई थी

कांडी छठ पोखरा में भी उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

इसी क्रम में कांडी छठ पोखरा पर भी सैकड़ों व्रतधारियों ने महाव्रत का आयोजन किया। यहां की समिति के अध्यक्ष कृष्ण बारी, उपाध्यक्ष रविरंजन शर्मा, सचिव पंकज गुप्ता, उप सचिव अनूप कुमार, कोषाध्यक्ष प्रदीप प्रसाद व उप कोषाध्यक्ष जयप्रकाश सोनी सहित सभी सदस्य व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे रहे

वहीं, सतबहिनी समिति के भी सभी लोग व्रतियों की सुविधा का विशेष ध्यान रख रहे थे। मौके पर नवल किशोर तिवारी, विभूति नारायण दुबे, आतिश कुमार सिंह, विकास उपाध्याय, रघुनंदन राम, जय किशुन राम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे

‘न्यूज़ देखो’ – हर खबर पर रहेगी हमारी नजर

गढ़वा जिले में छठ महाव्रत के इस दिव्य आयोजन ने यह दर्शा दिया कि यह पर्व आज भी जनमानस की आस्था का सबसे गहरा प्रतीक है। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए सरकारी स्तर पर भी गंभीर प्रयास हो रहे हैंहर ऐसे आस्था और संस्कृति से जुड़े क्षण के लिए जुड़ें रहें ‘न्यूज़ देखो’ के साथ — हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पाठकों से अपील

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