Garhwa

गढ़वा में पहली बार दक्षिणेश्वरी मां काली की प्राण प्रतिष्ठा, शतचंडी महायज्ञ के साथ भव्य अनुष्ठान शुरू

#GarhwaNews पर्वतीय उपत्यका में भक्तिमय वातावरण : मां काली की प्राण प्रतिष्ठा और शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ

मुख्य आकर्षण :

  • गढ़वा जिले में पहली बार हो रही दक्षिणेश्वरी मां काली की प्राण प्रतिष्ठा
  • चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर शुरू हुआ शतचंडी महायज्ञ
  • ग्राम लोटो और सोह की पर्वतीय उपत्यका में भक्तों का सैलाब
  • पूरे क्षेत्र में निकाली जा रही है भव्य शोभायात्रा
  • पूजन कार्य का संचालन कर रहे हैं आचार्य रमाकांत पाठक
  • मानव कल्याण और सामाजिक सद्भाव के उद्देश्य से हो रहा आयोजन

गढ़वा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम लोटो और सोह की पवित्र पर्वतीय उपत्यका में चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत हुई है। यहां शतचंडी महायज्ञ के साथ-साथ दक्षिणेश्वरी मां काली की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत शुरू की गई है।

इस धार्मिक आयोजन की खास बात यह है कि गढ़वा जिले में पहली बार दक्षिणेश्वरी मां काली की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में अपार उत्साह का माहौल है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का भारी जुटान देखा जा रहा है।

पूजा-पाठ और यज्ञ की विधि

पूरे अनुष्ठान का संचालन आचार्य रमाकांत पाठक के सान्निध्य में किया जा रहा है। उन्हीं के मार्गदर्शन में यज्ञ की सभी वैदिक विधियों का पालन किया जा रहा है और पूर्णाहुति तक का हर चरण नियमपूर्वक संपन्न होगा। शतचंडी महायज्ञ में देवी के 700 श्लोकों का पाठ, आहुति और दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रमुख रूप से किया जा रहा है।

“यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनकल्याण की भावना से प्रेरित है,”
आचार्य रमाकांत पाठक

भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक आयोजन

इस अवसर पर आस-पास के सभी पंचायतों और गांवों से श्रद्धालु शामिल होकर एक भव्य शोभायात्रा निकाल रहे हैं। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्र, झांकियां और कलश यात्रा प्रमुख आकर्षण का केंद्र हैं।
संध्या में मां काली की आरती, भजन संध्या, और दीपदान जैसे कार्यक्रमों से वातावरण और अधिक आध्यात्मिक बन रहा है।

भक्तिमय वातावरण और जनभागीदारी

आयोजन स्थल पर हर रोज सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों की भारी भागीदारी देखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीण इस आयोजन को गढ़वा के लिए ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं, जिसमें वे स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।

“हम सौभाग्यशाली हैं कि गढ़वा की धरती पर पहली बार दक्षिणेश्वरी मां की प्रतिष्ठा हो रही है। ये पूरे इलाके के लिए पुण्य का समय है,”
स्थानीय श्रद्धालु

‘न्यूज़ देखो’ की नज़र : अध्यात्म और संस्कृति का अद्भुत संगम

गढ़वा में इस तरह का आयोजन धार्मिक भावना को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और जनजागरण का माध्यम बन रहा है।
‘न्यूज़ देखो’ की टीम हर महत्वपूर्ण क्षण पर आपकी सेवा में तत्पर है और इस पावन आयोजन की हर झलक आपको पहुंचाती रहेगी —
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

राय दें

क्या आप इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में शामिल हुए हैं? आपको कैसा लगा ये आयोजन?
खबर को रेट करें और कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएं हमारे साथ साझा करें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Sonu Kumar

गढ़वा

Related News

Back to top button
error: