गढ़वा: आदिम जनजाति परिषद की बैठक में नन्हेसर कोरवा फिर बने अध्यक्ष, हजारों की उपस्थिति में उठे शिक्षा-रोजगार व अधिकारों के मुद्दे

गढ़वा: आदिम जनजाति परिषद की बैठक में नन्हेसर कोरवा फिर बने अध्यक्ष, हजारों की उपस्थिति में उठे शिक्षा-रोजगार व अधिकारों के मुद्दे

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #आदिमजनजातिबैठक — नन्हेसर कोरवा के नेतृत्व में आदिवासी समाज की एकजुटता का प्रदर्शन
  • अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास परिषद की महत्वपूर्ण बैठक गढ़वा में संपन्न
  • नन्हेसर कोरवा सर्वसम्मति से फिर बने जिला अध्यक्ष
  • शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण पर हुई गंभीर चर्चा
  • हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग हुए शामिल
  • सरकार से विशेष योजनाओं और अधिकारों के क्रियान्वयन की मांग

संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक विकास पर जोर

गढ़वा जिले में रविवार को अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें जनजातीय समाज के हजारों लोगों ने भाग लिया। यह बैठक संगठन की मजबूती, आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण के मुद्दों पर केंद्रित रही।

नन्हेसर कोरवा फिर से बने जिला अध्यक्ष

बैठक में सर्वसम्मति से नन्हेसर कोरवा को एक बार फिर जिला अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा:

“मैं समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और अधिकारों को पहुंचाने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।”

वरिष्ठ पदाधिकारियों की सशक्त मौजूदगी

बैठक में परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • कोषाध्यक्ष: चंद्रिका कोरवा
  • धुरकी प्रखंड अध्यक्ष: सुनील कोरवा
  • जिला सदस्य: ईश्वरी कोरवा
  • जिला उपाध्यक्ष: रामप्रीत कोरवा
  • रंका प्रखंड अध्यक्ष: लखन कोरवा
  • चिनिया प्रखंड सचिव: वीरेंद्र कोरवा
  • जिला सदस्य: श्यामदेव कोरवा
  • भावनाथपुर प्रखंड उपाध्यक्ष: शिव प्रसाद कोरवा

साथ ही चंद्रदेव कोरवा, लाल बिहारी कोरवा, रामप्रताप कोरवा, शिवपूजन कोरवा और राहुल कोरवा समेत बड़ी संख्या में महिला और युवा भागीदारी देखने को मिली।

शिक्षा, रोजगार और वनाधिकार पर आवाज बुलंद

बैठक के दौरान वक्ताओं ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की:

  • आदिम जनजातियों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा
  • शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करने की पहल
  • वन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन
  • पारंपरिक आजीविका और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण

इन मुद्दों को लेकर परिषद ने सरकार से त्वरित और ठोस पहल की मांग की।

न्यूज़ देखो : आदिवासी आवाज़ को मिलेगा मंच

गढ़वा की यह बैठक साबित करती है कि जब समाज संगठित होता है, तो उसकी आवाज़ दूर तक जाती है। ‘न्यूज़ देखो’ ऐसे जनजातीय आंदोलनों और विचारों को हमेशा मंच देता रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

एकजुटता ही है असली ताकत

जनजातीय समाज की यह एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक सहभागिता झारखंड के विकास के लिए अत्यंत जरूरी है। नन्हेसर कोरवा जैसे नेतृत्वकर्ताओं के साथ समाज को आगे बढ़ाने की यह पहल प्रेरणास्पद है।

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गढ़वा

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