
#गढ़वा : रामनवमी पर हाईटेक पुलिसिंग से नज़रबंदी और जनजागरूकता में नया अध्याय:
- गढ़वा पुलिस ने रामनवमी पर्व पर ड्रोन और AI तकनीक से निगरानी शुरू की।
- उपायुक्त शेखर जमुआर और SP दीपक पांडे की नेतृत्व में तेजी से हो रहा आधुनिकीकरण।
- AI आधारित वीडियो कैरेक्टर से श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिए किया गया जागरूक।
- ड्रोन से पूरे गढ़वा शहर का बर्ड-आई व्यू में किया जा रहा निरीक्षण।
- अब तक गढ़वा में रामनवमी के अवसर पर किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं।
गढ़वा पुलिस इन दिनों आधुनिकीकरण और तकनीकी प्रयोगों के चलते पूरे ज़िले में चर्चा का विषय बनी हुई है। रामनवमी जैसे संवेदनशील पर्व पर गढ़वा पुलिस ने ड्रोन कैमरे और AI तकनीक का इस्तेमाल कर यह सिद्ध कर दिया कि एक छोटा जिला भी बड़ी सोच और आधुनिक पहल से एक मजबूत उदाहरण पेश कर सकता है।
उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक पांडे और एसडीओ संजय कुमार के नेतृत्व में गढ़वा पुलिस ने इस वर्ष रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान हाईटेक निगरानी के तहत न केवल सुरक्षा बढ़ाई, बल्कि जनजागरूकता को भी केंद्र में रखा।
ड्रोन से आसमान से निगरानी, शांति व्यवस्था पर पैनी नजर
इस वर्ष पहली बार गढ़वा शहर में एक साथ कई हाई-कैपेसिटी ड्रोन तैनात किए गए हैं। इन ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे शहर का लाइव मॉनिटरिंग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है — किसी भी असामाजिक तत्व की गतिविधियों पर तुरंत नजर डालना और अवांछित घटनाओं को समय रहते रोकना।
पुलिस का यह कदम उन जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है, जहां अभी तक परंपरागत तरीकों से ही निगरानी की जाती रही है।
AI तकनीक से बना वीडियो, श्रद्धालुओं को मिला सुरक्षा संदेश
गढ़वा पुलिस ने इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया है। एक खास AI आधारित सजीव पात्र के ज़रिए श्रद्धालुओं को सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां एक वीडियो के माध्यम से दी गईं।
“सभी को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दोस्तों। जब शोभा यात्रा में शामिल हों, तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन बातों को जरूर ध्यान में रखें…” — गढ़वा पुलिस द्वारा जारी AI वीडियो संदेश का अंश
इस वीडियो में खासकर यात्रा के दौरान —
- ऊंचे झंडों को बिजली के तारों से दूर रखने,
- वाहनों की छत पर न बैठने,
- डंडों या झंडों से बिजली के उपकरणों को न छूने
जैसी कई बातें सरल और सहज भाषा में समझाई गई हैं।
नवाचार से बनी नई पहचान
गढ़वा पुलिस की यह पहल सिर्फ तकनीकी उपयोग नहीं, बल्कि एक नई सोच की शुरुआत है। छोटे शहरों में अक्सर संसाधनों की कमी की बात होती है, लेकिन गढ़वा पुलिस ने सीमित संसाधनों के बीच नवाचार कर ये दिखा दिया कि अगर इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है।
गढ़वा अब सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि एक हाईटेक, स्मार्ट और जिम्मेदार पुलिस व्यवस्था के लिए जाना जाने लगा है।
‘न्यूज़ देखो’ की नजर से — एक नई दिशा की ओर बढ़ता गढ़वा
गढ़वा पुलिस की यह कोशिश दर्शाती है कि छोटे शहरों की पुलिस भी बड़े सपनों को साकार कर सकती है। तकनीक, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ जो सुरक्षा व्यवस्था खड़ी की जा रही है, वो न सिर्फ आज के लिए बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत आधार बन रही है।
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