गांव-गांव में मददगार बनेगी गढ़वा पुलिस, हर थाने में First Aid प्रशिक्षण अनिवार्य

गांव-गांव में मददगार बनेगी गढ़वा पुलिस, हर थाने में First Aid प्रशिक्षण अनिवार्य

author News देखो Team
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#गढ़वा #पुलिसट्रेनिंग : हर थाना में फर्स्ट एड अनिवार्य — आपात स्थिति में जीवन रक्षा की तैयारियों को दी जा रही प्राथमिकता
  • भंडरिया थाना में पुलिस अधिकारियों और चौकीदारों को First Aid प्रशिक्षण
  • प्रशिक्षण दिया गया सीएचसी भंडरिया के डॉक्टरों द्वारा थाना परिसर में।
  • पुलिस अधीक्षक गढ़वा ने जिले के सभी थानों को First Aid अनिवार्य रूप से लेने का निर्देश दिया है।
  • आपात स्थितियों में पुलिस के शुरुआती प्रतिक्रिया को सशक्त बनाने की कोशिश।
  • उद्देश्य: प्रभावी प्राथमिक उपचार से जान बचाना और मृत्यु दर कम करना

पुलिस को बनाया जा रहा आपदा में पहला सहायक

गढ़वा जिले के भंडरिया थाना परिसर में आज एक महत्वपूर्ण और सामाजिक सरोकार से जुड़ा आयोजन हुआ। सीएचसी भंडरिया के चिकित्सकों की टीम ने थाना प्रभारी से लेकर चौकीदारों तक सभी को First Aid (प्राथमिक उपचार) का प्रशिक्षण दिया। यह प्रशिक्षण आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई हेतु पुलिस को सक्षम और प्रशिक्षित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने दिए जिलेभर में लागू करने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक, गढ़वा के निर्देश पर यह अभियान जिले के सभी थानों में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हर थाना कर्मी को फर्स्ट एड का कौशल अनिवार्य रूप से सीखना होगा ताकि घटना स्थल पर पहुंचने वाले पहले अधिकारी के रूप में वे लोगों की जान बचाने में सक्षम हो सकें।

पुलिस अधीक्षक गढ़वा ने कहा: “First Aid कोई औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन रक्षक उपाय है। हमारी कोशिश है कि गढ़वा पुलिस हर परिस्थिति में जनता की मददगार बन सके।”

प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया गया

इस प्रशिक्षण सत्र में घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, रक्तस्राव रोकने, सीपीआर (CPR) देने की विधि, बेहोशी की स्थिति में सहायता, और बर्न केस (जलने के मामले) में शुरुआती राहत जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सिखाया गया।

सीएचसी डॉक्टरों ने थाने में ही डेमो सत्र लेकर व्यावहारिक तरीके से First Aid के सिद्धांतों को समझाया और सभी पुलिसकर्मियों को स्वयं अभ्यास भी कराया।

न्यूज़ देखो: पुलिस की मानवीय छवि को नया आधार

गढ़वा पुलिस प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि वह कानून व्यवस्था के साथ मानवीय सहायता में भी अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है। थानों को जीवन रक्षक केंद्र के रूप में प्रशिक्षित करना न सिर्फ एक अनोखी पहल है बल्कि यह समाज में पुलिस की साख और भरोसे को भी और मज़बूत करेगा।
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