#गढ़वा #मकर_संक्रांति : पर्व की खुशियों के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपील, नागरिकों से सावधानी बरतने का अनुरोध।
- गढ़वा एसडीओ संजय कुमार ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
- पतंगबाजी के दौरान सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष जोर।
- चाइनीज व कांच लगे नायलॉन मांझे के प्रयोग से परहेज की अपील।
- बच्चों, वाहन चालकों और पक्षियों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश।
- सुरक्षित व खुशहाल पर्व मनाने का सामूहिक संदेश।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार ने जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति उत्साह, उल्लास और परंपराओं का पर्व है, लेकिन इसके साथ ही सतर्कता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।
एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर कुछ लोग पतंगें भी उड़ाते हैं। हालांकि गढ़वा क्षेत्र में पतंगबाजी कोई बहुत अधिक प्रचलित परंपरा या शौक नहीं है, फिर भी जो लोग पतंग उड़ाते हैं, उनके लिए आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जन-हानि से बचा जा सके।
पतंगबाजी के दौरान इन सावधानियों का करें पालन
चाइनीज या कांच लगे नायलॉन मांझे का प्रयोग न करें
उन्होंने स्पष्ट रूप से अपील की कि चाइनीज या कांच लगे नायलॉन मांझे का उपयोग बिल्कुल न करें। केवल सूती धागे का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि नायलॉन या कांच लगे मांझे से लोगों, पक्षियों और पशुओं को गंभीर चोट लग सकती है।
सुरक्षित स्थान का चयन करें
पतंग उड़ाने के लिए खुले मैदान या सुरक्षित छत का चयन करें। सड़क, बिजली के तारों, ट्रांसफार्मर और पेड़ों के पास पतंग उड़ाने से बचें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना न रहे।
बच्चों पर विशेष ध्यान दें
एसडीओ ने कहा कि बच्चों को कभी भी अकेले छत पर न छोड़ें। बड़ों की निगरानी में ही उन्हें पतंग उड़ाने दें, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
छत पर सुरक्षा का रखें पूरा ध्यान
छत पर पतंग उड़ाते समय रेलिंग के पास न जाएं, फिसलन से बचें और दौड़ते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
वाहन चालकों और पक्षियों के लिए विशेष सतर्कता
दोपहिया और वाहन चालकों के लिए सावधानी
बाइक या दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और गले व चेहरे को ढककर रखें, ताकि अचानक मांझा लगने से दुर्घटना न हो।
पक्षियों का रखें विशेष ध्यान
पतंग उड़ाने के बाद बचे हुए धागे को खुले में न फेंकें। इससे पक्षियों के घायल होने की आशंका रहती है। घायल पक्षियों के लिए पानी और प्राथमिक सहायता की व्यवस्था करने की अपील भी की गई।
मौसम और समय का रखें ध्यान
तेज हवा या शाम के अंधेरे में पतंग उड़ाने से बचें। अनुकूल मौसम और दिन के उजाले में ही पतंगबाजी करें।
आपात स्थिति में तत्पर रहें
यदि किसी के घायल होने की स्थिति उत्पन्न हो, तो तुरंत सहायता करें और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन या एंबुलेंस सेवा से संपर्क करें।
अनुरोध करते हुए एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व खुशियां बांटने का अवसर है। सावधानी और समझदारी के साथ पर्व मनाकर इसे सभी के लिए सुरक्षित और यादगार बनाया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: सुरक्षा के साथ त्योहार मनाने का संदेश
मकर संक्रांति जैसे पर्व पर प्रशासन की यह अपील सामाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है। पतंगबाजी के दौरान थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियों को सुरक्षित रख सकती है। पर्व की खुशियों के साथ सतर्कता अपनाना ही सच्चा उत्सव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खुशियां बांटें, सावधानी बरतें—सुरक्षित मकर संक्रांति मनाएं
त्योहार तभी सार्थक है जब वह सभी के लिए सुरक्षित हो।
अपनी जिम्मेदारी समझें, दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
कमेंट करें, साझा करें और सुरक्षित मकर संक्रांति का संकल्प लें। 🪁🙏🌻





