
#गढ़वा #घरेलू_दुर्घटना : गारा खुर्द गांव में आग से महिला गंभीर रूप से घायल हुई।
गढ़वा कांडी थाना क्षेत्र के गारा खुर्द गांव में मंगलवार को एक घरेलू दुर्घटना में 30 वर्षीय कांति देवी गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों के अनुसार, ठंड में आग तापते समय उनके कपड़े में आग लग गई। उसे तुरंत गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना ने ग्रामीणों और परिवार में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
- घटना गारा खुर्द गांव में मंगलवार को हुई।
- विनोद पासवान की पत्नी कांति देवी आग में जल गई।
- ठंड में आग तापते समय कपड़ों में आग लगने से हुआ हादसा।
- कांति देवी को गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- परिजन और ग्रामीणों ने आग बुझाकर महिला को बचाया।
घटना मंगलवार सुबह की है, जब कांति देवी अपने मायके राणाडीह में रह रही थीं। परिजनों ने बताया कि उन्हें पति के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था और इसी कारण वह मायके में रह रही थीं। ठंड के कारण सुबह आग तापते समय उनकी साड़ी और कपड़ों में आग लग गई। कांति देवी ने दौड़कर अपनी मां के पास जाकर मदद मांगी, जिसके बाद परिजनों ने आग को बुझाया और उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल में इलाज और स्थिति
गढ़वा सदर अस्पताल में कांति देवी का प्राथमिक इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को गंभीर झुलसने के कारण विशेष देखभाल की आवश्यकता है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक दवाइयां तथा उपचार जारी हैं।
परिजनों और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
परिजनों ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घरेलू घटना है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। ग्रामीणों ने भी महिला की स्थिति देख गंभीर चिंता व्यक्त की। आग बुझाने में परिवार और पड़ोसियों ने तत्परता दिखाई, जिससे कांति देवी की जान बचाई जा सकी।
सुरक्षा और सावधानी
घरेलू दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में आग के पास सावधानी बरतना आवश्यक है। हल्के और ढीले कपड़े, विशेषकर साड़ी या लूंगी जैसी वस्तुएं, आग के निकट रखने से बचना चाहिए। इसके अलावा, आग के पास हमेशा पानी या बाल्टी रखना और बच्चों तथा बुजुर्गों को आग से दूर रखना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है।
न्यूज़ देखो: घरेलू आग से सुरक्षा की आवश्यकता
यह घटना दर्शाती है कि ठंड के मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है। प्रशासन और समाज को जागरूक रहकर ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय अपनाने चाहिए। क्या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और ग्रामीण सुरक्षा जागरूकता अभियान पर्याप्त हैं, यह सवाल भी उठता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा, सतर्कता और समाज की जिम्मेदारी
घरेलू सुरक्षा के प्रति सजग रहना हर परिवार का कर्तव्य है। आग और अन्य घरेलू दुर्घटनाओं से बचने के लिए जागरूक बनें। अपने घर और पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस खबर को साझा करें, अपने मित्रों और परिवार को सतर्क करें और समाज में सुरक्षा की भावना फैलाएं।





