गिरिडीह: झारखंड आंदोलनकारी उमेश महतो की संदिग्ध मौत, डोभा से मिला शव

गिरिडीह: झारखंड आंदोलनकारी उमेश महतो की संदिग्ध मौत, डोभा से मिला शव

author News देखो Team
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  • झारखंड आंदोलनकारी उमेश महतो की लाश गिरिडीह के धनयडीह गांव के डोभा से मिली।
  • शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
  • जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई गई।
  • मृतक झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व प्रखंड प्रमुख और सरपंच रह चुके हैं।

गिरिडीह के धनयडीह गांव स्थित डोभा से झारखंड आंदोलनकारी उमेश महतो की लाश बरामद की गई। पुलिस ने शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। उमेश महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा से दशकों तक जुड़े रहे और झारखंड अलग राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

परिजनों का आरोप:

मृतक के बेटे रविंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि उनके पिता का जमीन विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद के चलते उनकी हत्या की गई। रविंद्र के मुताबिक, उमेश महतो अपनी गाड़ी से सुल्तानगंज गए थे, लेकिन बाद में उनकी लाश डोभा से मिली।

स्थानीय नेताओं और परिजनों की प्रतिक्रिया:

जेएमएम नेता लेखो मंडल ने बताया कि शव मिलने के समय मृतक के मुंह, नाक और आंख से खून निकल रहा था और गर्दन में मफलर कसा हुआ था। मृतक के भतीजे प्रमोद कुमार ने बताया कि उमेश महतो दोपहर 12 बजे घर से निकले थे। इसके बाद उनकी लाश मिलने की खबर मिली।

परिजनों का कहना है कि उमेश महतो पिछले 30 वर्षों से शौच के लिए डोभा की ओर नहीं जाते थे, जिससे यह घटना संदिग्ध लगती है।

पुलिस की कार्रवाई:

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। मृतक की जमीन विवाद को ध्यान में रखते हुए पुलिस संभावित आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

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