
#Giridih — प्लांट में हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री गेट पर किया जाम
- शिवम स्टील प्लांट में काम के दौरान मजदूर की मौत
- मृतक की पहचान अरुण तांती (27 वर्ष), जमबाद गांव निवासी के रूप में हुई
- सोमवार सुबह से ही ग्रामीणों का मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट पर धरना
- मृतक के परिवार में छोटे-छोटे दो बच्चे, परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
- फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता नहीं, धरना जारी
काम के दौरान हुई मजदूर की मौत
गिरिडीह : गिरिडीह के उदनाबाद स्थित शिवम स्टील प्लांट में काम करते समय एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान जमबाद गांव निवासी राजेंद्र मारिक के 27 वर्षीय पुत्र अरुण तांती के रूप में की गई है। बताया गया कि काम के दौरान ही प्लांट के अंदर उसकी मौत हो गई, लेकिन मौत के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आक्रोश
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में प्लांट गेट पर जुट गए। सोमवार सुबह 8 बजे से ही ग्रामीणों ने फैक्ट्री गेट पर जाम लगाकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एक प्रदर्शनकारी ग्रामीण ने कहा, “जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और नौकरी का आश्वासन नहीं दिया जाएगा, धरना जारी रहेगा।“
मृतक के परिवार की स्थिति
मृतक अरुण तांती के दो छोटे बच्चे हैं और इस घटना के बाद परिवार पर दुख और चिंता का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्य और ग्रामीण लगातार फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवजे और सहायता की मांग कर रहे हैं।
फैक्ट्री प्रबंधन से अब तक बात नहीं
खबर लिखे जाने तक फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी और ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन जारी था। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्दी समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और उग्र होगा।
‘न्यूज़ देखो’ — क्या फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?
शिवम स्टील प्लांट में मजदूर की मौत ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘न्यूज़ देखो’ आपसे जानना चाहता है — क्या फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? क्या प्रशासन को हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए?
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