गिरिडीह: बगोदर में 31 अगस्त को विराट करम महोत्सव का होगा भव्य आयोजन

गिरिडीह: बगोदर में 31 अगस्त को विराट करम महोत्सव का होगा भव्य आयोजन

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #संस्कृति : औंरा स्थित विनोद उच्च विद्यालय परिसर में दिखेगी झारखंडी लोक परंपरा
  • बगोदर बस स्टैंड क्षेत्र में 31 अगस्त को विराट करम महोत्सव का आयोजन होगा।
  • विनोद उच्च विद्यालय औंरा परिसर को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया।
  • तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित, सभी व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा।
  • महोत्सव में आदिवासी युवतियों द्वारा करम नृत्य और लोक गीत की प्रस्तुति होगी।
  • यह पर्व झारखंड की संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित करने का बड़ा मंच बनेगा।

गिरिडीह जिले के बगोदर में इस बार 31 अगस्त को विराट करम महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से बगोदर बस स्टैंड क्षेत्र में बैठक की गई, जिसमें महोत्सव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से औंरा स्थित विनोद उच्च विद्यालय परिसर को इस वर्ष का आयोजन स्थल तय किया गया।

झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव

करम महोत्सव झारखंड के प्रमुख पारंपरिक उत्सवों में से एक है, जिसमें करम देवता की पूजा की जाती है। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय की महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा धारण कर करम गीतों पर नृत्य प्रस्तुत करती हैं। साथ ही लोकगीत और वाद्ययंत्रों की गूंज पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग देती है।

युवाओं और समाज की भागीदारी

बैठक में यह भी तय किया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय युवा, समाजसेवी और बुद्धिजीवी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाएंगे। इस महोत्सव में न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों से भी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

संस्कृति और एकजुटता का संदेश

विराट करम महोत्सव समाज में भाईचारा, एकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। यह आयोजन स्थानीय परंपराओं को जीवित रखने और आने वाली पीढ़ियों को झारखंड की विरासत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

न्यूज़ देखो: संस्कृति से जुड़ाव का पर्व

बगोदर का यह विराट करम महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि झारखंडी पहचान और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। यह आयोजन स्थानीय समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

करम पर्व बनेगा गर्व का उत्सव

यह महोत्सव न केवल झारखंड की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगा बल्कि युवाओं में अपनी परंपरा को लेकर गर्व की भावना भी जगाएगा। अब समय है कि हम सब इस पर्व में शामिल होकर अपनी संस्कृति का सम्मान करें और इसे आगे बढ़ाएं। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को दोस्तों के साथ साझा करें।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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