
#गिरिडीह #बोर्ड_परीक्षा : मैट्रिक और इंटर परीक्षा शांतिपूर्ण कराने को प्रशासन ने कसी कमर।
झारखंड बोर्ड की मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर गिरिडीह जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रџьों पर दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने की बात कही है। परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को सख्ती से रोकने का निर्णय लिया गया है।
- झारखंड बोर्ड मैट्रिक व इंटर परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज।
- उपायुक्त रामनिवास यादव ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।
- मैट्रिक परीक्षा 3 से 17 फरवरी, सुबह 9:45 से 1:00 बजे तक।
- इंटर परीक्षा 3 से 23 फरवरी, दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक।
- सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती।
झारखंड बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर गिरिडीह जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूरी तरह कदाचार-मुक्त बनाया जाए। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षार्थियों को शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।
परीक्षा तिथियों और समय सारिणी पर स्पष्ट निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि मैट्रिक परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी तक आयोजित की जाएगी, जो सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा 3 फरवरी से 23 फरवरी तक निर्धारित की गई है, जिसका समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय से पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
उपायुक्त रामनिवास यादव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था से नकल और अन्य कदाचार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
कदाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति
बैठक के दौरान उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल, प्रश्नपत्र लीक, अव्यवस्था या अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर नजर रखी जाए और आवश्यकतानुसार तुरंत कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक समन्वय पर दिया गया जोर
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, दंडाधिकारी और केंद्राधीक्षकों के बीच नियमित संवाद रखने को कहा गया है। इसके अलावा, परीक्षा से पहले और दौरान बिजली, पेयजल और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
परीक्षार्थियों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की पहल
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास शांत क्षेत्र बनाए रखा जाएगा। अनावश्यक भीड़, लाउडस्पीकर या शोरगुल पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षार्थियों को समय पर केंद्र में प्रवेश मिल सके, इसके लिए केंद्रों के बाहर भी उचित व्यवस्था करने पर बल दिया गया है।
अभिभावकों और समाज से सहयोग की अपील
हालांकि बैठक प्रशासनिक स्तर पर केंद्रित रही, लेकिन अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से समाज और अभिभावकों से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है। प्रशासन का मानना है कि यदि समाज और अभिभावक भी सजग रहें, तो परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सफल और निष्पक्ष बनाया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: सख्ती और समन्वय से परीक्षा की विश्वसनीयता मजबूत
यह तैयारी दर्शाती है कि जिला प्रशासन परीक्षा की शुचिता को लेकर गंभीर है। उपायुक्त रामनिवास यादव द्वारा दिए गए निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करते हैं। यदि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी पालन हुआ, तो कदाचार पर बड़ी हद तक रोक संभव है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परीक्षा के दौरान निगरानी और त्वरित कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
निष्पक्ष परीक्षा से ही सुरक्षित होगा छात्रों का भविष्य
बोर्ड परीक्षाएं लाखों छात्रों के भविष्य की दिशा तय करती हैं। जब प्रशासन पूरी सख्ती और संवेदनशीलता के साथ व्यवस्था करता है, तो छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। एक शांत और निष्पक्ष माहौल ही मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उनका हक दिला सकता है।
अभिभावक और समाज भी इसमें अपनी भूमिका निभाएं, अफवाहों से दूर रहें और नियमों का पालन करें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के इस प्रयास में जिम्मेदारी साझा करें।



