
#गिरिडीह #परीक्षा_व्यवस्था : उपायुक्त की समीक्षा बैठक में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
गिरिडीह में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त संपन्न कराने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षार्थियों को सुरक्षित और तनाव-मुक्त माहौल प्रदान करना है।
- उपायुक्त रामनिवास यादव ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की।
- मैट्रिक परीक्षा 3 से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी।
- इंटरमीडिएट परीक्षा 3 से 23 फरवरी 2026 तक चलेगी।
- सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती।
- कदाचार या लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित होने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर गिरिडीह जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि परीक्षा की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
परीक्षा की तिथियां और समय
उपायुक्त ने बैठक के दौरान परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मैट्रिक परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रतिदिन सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी।
वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी, जिसका समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। दोनों परीक्षाओं के समय में अंतर रखकर प्रशासन ने केंद्रों पर व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की योजना तैयार की है।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
विशेष रूप से संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रामनिवास यादव ने कहा: “परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो।
परीक्षार्थियों के लिए सुरक्षित और तनाव-मुक्त माहौल
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षार्थियों को सुरक्षित और तनाव-मुक्त वातावरण मिले। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, अव्यवस्था और शोर पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा न हो, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।
अधिकारियों को सक्रिय और जवाबदेह रहने के निर्देश
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से कहा कि वे परीक्षा अवधि के दौरान सक्रिय और जवाबदेह भूमिका निभाएं। किसी भी प्रकार की सूचना या समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी स्तर पर भ्रम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।
निष्पक्ष परीक्षा से बढ़ेगा भरोसा
मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाएं छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ी होती हैं। ऐसे में कदाचार-मुक्त और निष्पक्ष परीक्षा न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर जनता का भरोसा भी मजबूत करती है।
जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम यह संकेत देते हैं कि इस वर्ष परीक्षाओं को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रशासन का फोकस
गिरिडीह में मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन की सख्ती यह दर्शाती है कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश कदाचार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। अब यह देखना होगा कि इन व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत और ईमानदारी से लिखें भविष्य
परीक्षा केवल अंक पाने का माध्यम नहीं, बल्कि ईमानदारी और अनुशासन की कसौटी भी है। जब प्रशासन व्यवस्था को मजबूत करता है, तब छात्रों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
परीक्षार्थी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें, और अभिभावक सकारात्मक माहौल बनाए रखें।
इस खबर को साझा करें, जागरूकता फैलाएँ और कदाचार-मुक्त परीक्षा के संदेश को आगे बढ़ाएँ। आपकी सहभागिता से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।



