
#गिरिडीह #इंटरकॉलेजक्रिकेट : फाइनल में अन्नदा कॉलेज को हराकर गिरिडीह कॉलेज ने कायम किया दबदबा।
गिरिडीह कॉलेज में आयोजित विभावि इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट पुरुष वर्ग का समापन बुधवार को हुआ। फाइनल मुकाबले में गिरिडीह कॉलेज ने अन्नदा कॉलेज हजारीबाग को पराजित कर लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। यह जीत न केवल कॉलेज बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई।
- गिरिडीह कॉलेज ने लगातार तीसरी बार टूर्नामेंट जीता।
- अन्नदा कॉलेज हजारीबाग को फाइनल में मिली हार।
- आशीष नेहरा की घातक गेंदबाजी, तीन विकेट किए हासिल।
- अश्विनी झा और मोंटी की निर्णायक बल्लेबाजी।
- साकेत केडिया बने मैन ऑफ द मैच।
गिरिडीह कॉलेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विनोबा भावे विश्वविद्यालय इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट (पुरुष) का बुधवार को भव्य समापन हुआ। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना देखने को मिली। फाइनल मुकाबला गिरिडीह कॉलेज और अन्नदा कॉलेज हजारीबाग के बीच खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
फाइनल मुकाबले का रोमांच
फाइनल मैच में टॉस जीतकर गिरिडीह कॉलेज ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो पूरी तरह से सही साबित हुआ। शुरुआत से ही गिरिडीह कॉलेज के गेंदबाजों ने अन्नदा कॉलेज के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और अन्नदा कॉलेज की टीम 19.1 ओवर में मात्र 96 रन पर सिमट गई।
गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
गिरिडीह कॉलेज की ओर से आशीष नेहरा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके। वहीं रोशन कुमार ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए। अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन और लेंथ से गेंदबाजी कर विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
लक्ष्य का सफल पीछा
97 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गिरिडीह कॉलेज की टीम ने संयमित शुरुआत की। हालांकि शुरुआती ओवरों में कुछ विकेट जरूर गिरे, लेकिन बल्लेबाजों ने घबराहट नहीं दिखाई। अश्विनी झा ने 45 रनों की शानदार पारी खेलते हुए टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। उनके साथ मोंटी ने 34 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। टीम ने 15.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
मैन ऑफ द मैच और व्यक्तिगत प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में हरफनमौला प्रदर्शन के लिए साकेत केडिया को मैन ऑफ द मैच चुना गया। उनके खेल ने दर्शकों और आयोजकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे टूर्नामेंट में गिरिडीह कॉलेज के खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रयास और अनुशासन का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया।
लगातार तीसरी जीत से बढ़ा गौरव
लगातार तीसरी बार इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर गिरिडीह कॉलेज ने अपना दबदबा कायम रखा है। यह उपलब्धि कॉलेज के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है। खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ और कॉलेज प्रबंधन की मेहनत भी इस सफलता में साफ झलकती है।
समापन समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
समापन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करता है। अतिथियों ने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ आगे बढ़ते रहने और विश्वविद्यालय तथा राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
खेल संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा
इस तरह के इंटर कॉलेज टूर्नामेंट से विश्वविद्यालय स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है। छात्र-छात्राओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और नई प्रतिभाओं को मंच मिलता है। गिरिडीह कॉलेज में आयोजित इस प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

न्यूज़ देखो: गिरिडीह कॉलेज की जीत का महत्व
लगातार तीसरी बार खिताब जीतना केवल एक ट्रॉफी हासिल करना नहीं, बल्कि निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण है। यह जीत दर्शाती है कि गिरिडीह कॉलेज खेल प्रतिभाओं को निखारने में गंभीरता से कार्य कर रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर खेल सुविधाओं को और कैसे बेहतर किया जाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल से बनता है अनुशासन और आत्मविश्वास
खेल मैदान युवाओं को जीत और हार दोनों को स्वीकार करना सिखाता है।
गिरिडीह कॉलेज की इस सफलता से अन्य कॉलेजों को भी प्रेरणा मिलेगी।
आप भी अपने आसपास खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें और सकारात्मक माहौल बनाएं।
इस उपलब्धि पर अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान दें।





