गिरिडीह डीसी ने किया जमुआ अस्पताल का औचक निरीक्षण, मिली कई खामियां

गिरिडीह डीसी ने किया जमुआ अस्पताल का औचक निरीक्षण, मिली कई खामियां

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #स्वास्थ्य_सेवाएं : जमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे उपायुक्त — कई कर्मचारी गैरहाजिर, कुपोषण रजिस्टर में नाम लेकिन बच्चा नदारद
  • उपायुक्त रामनिवास यादव ने जमुआ अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया
  • कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी, कई पीछे के दरवाजे से पहुंचे
  • एमटीसी कक्ष में एकमात्र प्रभारी एएनएम ही मौजूद मिलीं
  • कुपोषण रजिस्टर में दर्ज था नाम, लेकिन बच्चा केंद्र में नहीं मिला
  • डीसी ने पोषण सखी को तलब किया, कर्मचारियों को जवाबदेही निभाने की चेतावनी

निरीक्षण से खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल

शनिवार को गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने जमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जैसे ही डीसी केंद्र में पहुंचे, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और कई लोग पीछे के दरवाजे से कार्यालय में दाखिल होते नजर आए। यह दृश्य स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाने के लिए पर्याप्त था।

एमटीसी कक्ष में केवल एक एएनएम, प्रभारी डॉक्टर बाद में पहुंचे

निरीक्षण के दौरान डीसी एमटीसी कक्ष में पहुंचे, जहां केवल प्रभारी एएनएम सरिता सिन्हा उपस्थित थीं। चिकित्सा प्रभारी डॉ. कुलदीप तिर्की निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित थे और बाद में पहुंचे। इससे स्पष्ट हुआ कि केंद्र में उपस्थिति व्यवस्था लचर है।

कुपोषित बच्चे का नाम रजिस्टर में, लेकिन मौजूद नहीं

पोषण रजिस्टर में एक कुपोषित बच्चे का नाम दर्ज था, लेकिन निरीक्षण के समय वह बच्चा केंद्र में नहीं मिला। जांच में पाया गया कि भेलवाघाटी की पोषण सखी ने बच्चे को एक दिन पहले दाखिल किया था, लेकिन शाम तक परिजन उसे वापस ले गएउपायुक्त ने पोषण सखी को रविवार को केंद्र में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

उपायुक्त ने दी जिम्मेदारी से कार्य करने की हिदायत

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचे, इसके लिए सभी को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

इस दौरान एसडीएम अनिमेष रंजन और बीडीओ अमलजी भी डीसी के साथ मौजूद रहे।

न्यूज़ देखो: ज़मीनी सच्चाई दिखाता प्रशासनिक निरीक्षण

उपायुक्त का यह औचक निरीक्षण साफ तौर पर दर्शाता है कि कागज़ी रिकॉर्ड और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। एक ओर रजिस्टर में दर्ज कुपोषित बच्चा है, लेकिन दूसरी ओर केंद्र में उसकी अनुपस्थिति सवाल खड़े करती है।
न्यूज़ देखो ऐसे प्रशासनिक प्रयासों की सराहना करता है और चाहता है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हो।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनता की सेवा में ईमानदारी ही असली जिम्मेदारी

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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