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गिरिडीह नगर निगम मुख्य द्वार जाम, सरकारी कामकाज ठप: उग्र प्रदर्शन पर FIR दर्ज

#गिरिडीह #पेयजल_संकट : बिना अनुमति मुख्य द्वार जाम कर प्रदर्शन, प्रशासन की लिखित शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
  • 3 दिसंबर को गिरिडीह नगर निगम कार्यालय का मुख्य द्वार जाम, पूरे दिन कामकाज बाधित।
  • नगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने थाने में लिखित शिकायत दी।
  • पुलिस ने नामजद और अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की।
  • उग्र नारेबाजी, गेट बंद होने से कर्मचारियों व नागरिकों का प्रवेश बाधित
  • प्रदर्शनकारियों में संदीप यादव, ऋषभ आनंद, राकेश कुमार वर्मा, निशु कुमार मंडल, राजेश कुमार सहित अन्य शामिल।
  • वार्ड 20 भंडारीडीह में पेयजल संकट को लेकर विरोध के दौरान बिगड़ी स्थिति।

गिरिडीह। शहर में बढ़ते पेयजल संकट के बीच मंगलवार, 3 दिसंबर 2025, को गिरिडीह नगर निगम कार्यालय परिसर में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति निगम के मुख्य द्वार को जाम कर दिया। सुबह से शुरू हुआ यह विरोध देर शाम तक जारी रहा, जिससे निगम का पूरा कार्य ठप हो गया। सैकड़ों आम नागरिकों को जरूरी कार्यों के लिए भटकना पड़ा जबकि कई कर्मचारी कार्यालय के भीतर और बाहर फंसे रहे।

अधिकारियों द्वारा कई बार समझाने और अनुरोध करने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने गेट नहीं खोला, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई। इस घटना को लेकर नगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार, वार्ड 20 भंडारीडीह इलाके में चल रहे पेयजल संकट को लेकर स्थानीय नागरिकों में कई दिनों से आक्रोश था। पेयजल आपूर्ति की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, जिसके कारण लोगों का धैर्य टूट गया। इसी विरोध के क्रम में मंगलवार को अचानक दर्जनों लोग नगर निगम पहुंच गए और मुख्य द्वार को बंद कर दिया।

विरोध के दौरान नारेबाजी तेज हो गई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया। गेट के बाहर भीड़ के कारण कार्यालय का प्रवेश और निकास दोनों ठप हो गए।

नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

नगर प्रशासक के आवेदन के आधार पर पुलिस ने निम्न लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है:

  • संदीप यादव
  • ऋषभ आनंद
  • राकेश कुमार वर्मा
  • निशु कुमार मंडल
  • राजेश कुमार
    इसके अलावा अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी एफआईआर में शामिल किया गया है।

अपने आवेदन में प्रशासक ने लिखा कि बिना अनुमति मुख्य द्वार को अवरुद्ध करना न केवल सरकारी कार्य में बाधा है, बल्कि इससे आम नागरिकों की परेशानी और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ गया।

दिनभर का कामकाज ठप, आम लोग परेशान

गेट बंद रहने के कारण निगम से जुड़े कई विभाग—जैसे जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, लाइसेंस शाखा, नालों व सड़क से जुड़े कार्य, आदि पूरे दिन प्रभावित रहे।
कई लोग सुबह से कार्यालय परिसर के बाहर खड़े रहे, लेकिन प्रवेश बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
कर्मचारियों ने बताया कि उग्र भीड़ के कारण वे कार्यालय के भीतर फंसे रहे और बाहर आने में भी असहजता महसूस हुई।

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अधिकारियों ने कई बार समझाया, पर भीड़ नहीं मानी

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की लगातार कोशिश की। उन्होंने आश्वस्त किया कि पेयजल संकट की जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर अड़े रहकर गेट नहीं खोलने दिया।
हालात को देखते हुए नगर प्रशासन ने इसे गंभीर माना और अंततः मामला थाने तक पहुंच गया।

पुलिस जांच हुई तेज

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना की वीडियो और मोबाइल फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है।
जांच अधिकारी का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में सख्त कार्रवाई होगी।

न्यूज़ देखो: पेयजल संकट से उपजा आक्रोश, लेकिन समाधान का रास्ता प्रशासनिक तालमेल में

भंडारीडीह जैसे क्षेत्रों में लगातार बिगड़ती पेयजल व्यवस्था जनता के बीच असंतोष बढ़ा रही है। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक फैसलों में देरी दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जमीनी समस्याओं को समय पर हल करना कितना जरूरी है। हालांकि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकारी कार्यालयों को जाम करना समाधान की राह को और कठिन बना देता है। उम्मीद है कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर त्वरित समाधान निकालेंगे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समस्या का समाधान संवाद से—जाम नहीं

गिरिडीह के नागरिकों की पीड़ा वास्तविक है, विशेषकर पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर। लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद और ठोस रणनीति ही सही रास्ता हैं। सरकारी कामकाज ठप होने से अंततः आम जनता ही परेशान होती है।
आपके क्षेत्र में भी यदि ऐसी समस्या है, तो उसे उजागर करें, प्रशासन को अवगत कराएं और जिम्मेदारी निभाएं।
अपनी राय नीचे कमेंट करें और खबर को साझा कर जागरूकता बढ़ाएं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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