
#गिरिडीह #योगासन_खेल : भुवनेश्वर में होने वाली लीग के लिए खिलाड़ियों और जज का चयन।
गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के लिए यह बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां जिले के तीन योगासना खिलाड़ियों और एक जज का राष्ट्रीय स्तर की अस्मिता योगासन लीग के लिए चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता 28 से 31 जनवरी तक कलिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर में आयोजित होगी। चयनित खिलाड़ी झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि जिले के सचिव को जज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहली बार है जब गिरिडीह को इस स्तर पर इतनी व्यापक भागीदारी मिली है।
- आस्था गुप्ता, स्मिता कुमारी, आसी सिमर का अस्मिता योगासन लीग के लिए चयन।
- प्रतियोगिता 28 से 31 जनवरी, कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर में आयोजित।
- अमित स्वर्णकार का राष्ट्रीय स्तर पर जज के रूप में चयन।
- चयन राज्य स्तरीय पदक और ऑनलाइन ट्रायल के आधार पर हुआ।
- सभी खिलाड़ी झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
गिरिडीह जिले के खेल जगत के लिए यह खबर गर्व और उत्साह से भरी हुई है। अस्मिता योगासन लीग जैसे राष्ट्रीय मंच पर जिले के खिलाड़ियों और अधिकारियों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि गिरिडीह अब योगासना खेल के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के नेतृत्व और निरंतर प्रयासों का यह प्रतिफल माना जा रहा है कि जिले के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और उपलब्धि
गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के अध्यक्ष संतोष शर्मा ने जानकारी दी कि चयनित खिलाड़ी आस्था गुप्ता, स्मिता कुमारी और आसी सिमर का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया कि इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय योगासना प्रतियोगिता में पदक हासिल किए थे। इसके अलावा राज्य संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन ट्रायल में भी उन्होंने अपनी तकनीक, संतुलन और प्रस्तुति से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
अध्यक्ष संतोष शर्मा ने कहा:
संतोष शर्मा ने कहा: “यह गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जब हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।”
जज के रूप में अमित स्वर्णकार का चयन
खिलाड़ियों के साथ-साथ गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के सचिव अमित स्वर्णकार का चयन इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए जज के रूप में किया गया है। यह उपलब्धि केवल संघ के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है। जज के रूप में चयन यह दर्शाता है कि गिरिडीह के तकनीकी और निर्णायक स्तर के अनुभव को भी राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।
पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी भागीदारी
अध्यक्ष संतोष शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब गिरिडीह जिले के खिलाड़ी अस्मिता योगासन लीग जैसे बड़े आयोजन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, नियमित अभ्यास और संघ के सतत प्रयासों का परिणाम है। चयनित खिलाड़ी अब झारखंड टीम के हिस्से के रूप में अन्य राज्यों के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।
खिलाड़ियों की भुवनेश्वर रवाना और संघ का भरोसा
सभी चयनित खिलाड़ी आज गिरिडीह से भुवनेश्वर के लिए रवाना हो चुके हैं। जिला संघ को पूरा विश्वास है कि ये खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से न केवल पदक जीतेंगे, बल्कि गिरिडीह और झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार रहने का संदेश दिया है।
ट्रैकसूट प्रदान कर बढ़ाया मनोबल
गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के कोषाध्यक्ष दयानंद जायसवाल ने बताया कि संघ की ओर से सभी चयनित खिलाड़ियों को ट्रैकसूट प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें टीम भावना के साथ प्रतियोगिता में उतरने के लिए प्रेरित करना है। खिलाड़ियों ने इस सहयोग के लिए संघ के प्रति आभार व्यक्त किया।
संघ के पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के
मुख्य संरक्षक राजेश जलान,
संरक्षक नवीन कांत सिंह,
अध्यक्ष संतोष शर्मा,
उपाध्यक्ष सोनी कुमारी, पुष्पा शक्ति, रोहित श्रीवास्तव, नितेश नंदन,
कोषाध्यक्ष दयानंद जायसवाल,
सह सचिव मुक्ता कुमारी,
कार्यकारिणी सदस्य रोहित राय, शशिकांत विश्वकर्मा, अनिल सिंह
सहित अन्य सदस्यों ने चयनित खिलाड़ियों और जज अमित स्वर्णकार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
न्यूज़ देखो: योगासन खेल में गिरिडीह की नई पहचान
यह चयन बताता है कि गिरिडीह में योगासना खेल अब केवल अभ्यास तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। खिलाड़ियों के साथ एक जज का चयन होना संघ की तकनीकी मजबूती को भी दर्शाता है। यदि इसी तरह प्रशिक्षण और समर्थन मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में गिरिडीह योगासना का प्रमुख केंद्र बन सकता है। अब निगाहें भुवनेश्वर में होने वाले प्रदर्शन पर टिकी हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
योग, अनुशासन और आत्मबल से बनता है राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी
योगासन केवल खेल नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मनियंत्रण की साधना है। गिरिडीह के इन खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर मेहनत से बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है। यह उपलब्धि जिले के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
यदि आप भी योग या खेल से जुड़े हैं, तो नियमित अभ्यास को अपनी ताकत बनाएं। अपनी शुभकामनाएं कमेंट में साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और गिरिडीह के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में सहभागी बनें।



